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सुक्खू सरकार फिर लेने जा रही ₹1030 करोड़ का कर्ज, इस दिन खजाने में आएगा पैसा

सुक्खू सरकार को मार्च महीने में सरकारी कर्मियों की सैलरी और पेंशन के लिए 2000 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान करना है.

Sukhu Government Loan
सुक्खू सरकार फिर लेने जा रही ₹1030 करोड़ का कर्ज (FACEBOOK@CMSUKHU)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 11:50 AM IST

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शिमला: आरडीजी खत्म होने के शोर के बीच हिमाचल की सुखविंदर सरकार फिर से कर्ज लेने जा रही है. इस बार ये रकम 1030 करोड़ की है. वित्त विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है. कर्ज की ये रकम अगले महीने यानी मार्च की चार तारीख को सरकारी खजाने में आएगी. इस तरह बजट सेशन से पहले सुक्खू सरकार ने कर्ज लेने की प्रकिया शुरू की है.

सरकार ने इस वित्त वर्ष के खत्म होने से पहले बीस साल के लिए कुल 1030 करोड़ रुपये लोन की अधिसूचना जारी की है. इस बार 20 साल की अवधि के लिए ये कर्ज की रकम को मार्च, 2046 तक अदा करना होगा. इधर सुक्खू सरकार ने ठेकेदारों की बीस लाख तक की पेमेंट देने का ऐलान किया है. इसके अलावा वेतन और पेंशन का खर्च है. कुल मिलाकर वित्त वर्ष का आखिरी महीना होने के कारण मार्च महीने में कई खर्चे सरकार के सामने हैं. क्योंकि खजाने यानी ट्रेजरी की क्लीयरेंस भी करनी है, लिहाजा सुक्खू सरकार ने केंद्र सरकार की अनुमति से ट्रेजरी के बैलेंस को दुरुस्त करते हुए यह कर्ज लेने की अधिसूचना जारी की है.

Sukhu Government Loan
वित्त विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना (NOTIFICATION)

इन दिन खजाने में आएगा पैसा

वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार की तरफ से जारी की गई नोटिफिकेशन के अनुसार चार मार्च को आरबीआई के माध्यम से नीलामी होगी. इसी दिन यह कर्ज की रकम प्रदेश सरकार के खाते में आ जाएगी. इससे मार्च माह का काम निकल जाएगा. उल्लेखनीय है कि सुक्खू सरकार को अगले महीने यानी पहली मार्च को सरकारी कर्मियों की सैलरी और पेंशन के लिए 2000 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान करना है.

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वित्त विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना (NOTIFICATION)

केंद्रीय योजनाओं और लोन अदायगी का बोझ

इस बार केंद्रीय योजनाओं में राज्य का शेयर और बाह्य वित्त पोषित स्कीमों में राज्य के हिस्से के तौर पर भी केंद्र की तरफ से 31 मार्च से पहले भुगतान कर दिया जाएगा. इस बार लोन की रकम को वापस करने में भी राज्य सरकार को 1800 करोड़ रुपए अदा करने हैं. ऐसे में इन सब खर्चों को चलाने के लिए 1030 करोड़ का कर्ज लेने का निर्णय किया गया है.

एरियर भुगतान को लेकर मांगी गई जानकारी

इसी बीच सरकार के निर्देश पर वित्त विभाग ने सभी से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के एरियर पेंडिंग की जानकारी मांगी है. वर्ष 2016 के बाद रिटायर सभी कर्मचारियों के एरियर के भुगतान के लिए कंप्लीट बिल मांगे गए हैं. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि आर्थिक संकट के बावजूद सभी के हित सुरक्षित रखे जाएंगे.

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