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जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए सरकार ने तय की डेडलाइन, तहसीलदारों को दिए ये निर्देश

हिमाचल सरकार ने प्रदेश के सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को जमीन से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं.

Himachal Land Dispute Cases
हिमाचल सरकार ने जमीन से जुड़े मामलों को निपटाने के दिए निर्देश (HPGovt)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 2, 2026 at 7:07 PM IST

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Updated : January 2, 2026 at 7:12 PM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की राजस्व व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है. लंबे समय से लंबित तकसीम और अन्य राजस्व मामलों के शीघ्र समाधान के लिए सरकार ने अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. इस निर्णय से आम लोगों को जमीन से जुड़े विवादों में राहत मिलने की उम्मीद है और वर्षों से चल रहे मामलों का समयबद्ध निपटारा संभव होगा.

सरकार ने तय की जिम्मेदारी

प्रदेश सरकार ने तकसीम मामलों के निपटारे के लिए तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की जिम्मेदारी तय कर दी है. अब सभी संबंधित अधिकारी हर महीने कम से कम 12 दिन अनिवार्य रूप से तकसीम मामलों की सुनवाई करेंगे. सरकार का मानना है कि नियमित सुनवाई से लंबित मामलों में तेजी आएगी और लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

सीएम सुक्खू ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश जारी किए. उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 जनवरी, 2026 के बाद सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार हर सप्ताह मंगलवार, बुधवार और वीरवार को तक़सीम मामलों की सुनवाई करेंगे. इसका उद्देश्य मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना है.

डीसी और सचिव स्तर पर होगी निगरानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के उपायुक्त हर शनिवार तकसीम मामलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे. शनिवार को ही समीक्षा रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) को सौंपी जाएगी. इसके बाद राजस्व सचिव सोमवार को यह रिपोर्ट राजस्व मंत्री को प्रस्तुत करेंगे. हर माह के अंतिम सोमवार को राजस्व मंत्री प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे.

सीएम सुक्खू ने राजस्व विभाग को निजी भूमि, वन भूमि और सरकारी भूमि का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. साथ ही राजस्व अदालतों में लंबित मामलों की जानकारी, मामलों के प्रकार और लंबित अवधि का विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राजस्व मामलों का समाधान तय समय सीमा में होना चाहिए.

31 मार्च तक लंबित मामले निपटाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने दुरुस्ती से जुड़े सभी लंबित राजस्व मामलों को 31 मार्च, 2026 तक निपटाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

सेवानिवृत्त कर्मचारियों की होगी पुनर्नियुक्ति

लंबित मामलों के बोझ को कम करने के लिए सेवानिवृत्त पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार और तहसीलदारों की पुनर्नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है ताकि काम की गुणवत्ता में सुधार हो सके.

अब तक निपटाए गए मामलों का आंकड़ा

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बैठक में बताया कि राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से अक्तूबर 2023 से अब तक इंतकाल के 4,24,368, तकसीम के 25,918, निशानदेही के 47,075 और दुरुस्ती के 12,896 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है.

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Last Updated : January 2, 2026 at 7:12 PM IST