हिमाचल में बस खरीदने पर मिलेगी बंपर सब्सिडी! हर महीने प्रोत्साहन राशि भी देगी सरकार
योजना में केवल बस खरीदने की सहायता ही नहीं, बल्कि संचालन के लिए भी आर्थिक सहयोग दिया जाएगा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 2, 2026 at 3:25 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के चौथे चरण (फेज-4) की अधिसूचना जारी कर दी है. इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को बस खरीदने के लिए वित्तीय सहायता, सब्सिडी और हर महीने संचालन प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य है कि युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने का अवसर मिले और दूरदराज के इलाकों में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके.
हर उपमंडल में चिन्हित होंगे बस रूट
नई अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक उपमंडल में कम से कम 10 बस रूट चिन्हित किए जाएंगे. चयनित लाभार्थियों को इन निर्धारित रूटों पर बस संचालन की अनुमति दी जाएगी. योजना के माध्यम से उन क्षेत्रों में भी नियमित परिवहन सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है.

योजना का लाभ लेने के लिए क्या हैं पात्रता शर्तें?
योजना का लाभ केवल हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी ही उठा सकेंगे. आवेदक की आयु 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए. उसके पास भारी वाहन चलाने का कम से कम तीन वर्ष पुराना वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य होगा. इसके अलावा आवेदक किसी बैंक या सरकारी विभाग का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए. सरकार ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में कम आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी.

बस खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी
सरकार इलेक्ट्रिक बस खरीदने वाले लाभार्थियों को वाहन लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देगी, जबकि डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है. लाभार्थी को कुल लागत का 10 प्रतिशत स्वयं वहन करना होगा, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकेगी. योजना के तहत खरीदी जाने वाली बस में कम से कम 32 यात्रियों के बैठने की क्षमता होना जरूरी होगा.

हर महीने मिलेगा संचालन प्रोत्साहन
योजना में केवल बस खरीदने की सहायता ही नहीं, बल्कि संचालन के लिए भी आर्थिक सहयोग दिया जाएगा. सरकार डीजल बस संचालकों को 50 हजार रुपये और इलेक्ट्रिक बस संचालकों को 75 हजार रुपये प्रतिमाह संचालन प्रोत्साहन राशि देगी. हालांकि यह राशि तभी मिलेगी, जब बस निर्धारित रूट पर नियमित रूप से संचालित होगी.

नियमों का पालन करना होगा जरूरी
सरकार ने योजना के लिए कुछ सख्त नियम भी तय किए हैं. सभी बसों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य होगा और संचालन की निगरानी की जाएगी. यदि बस बिना उचित कारण के निर्धारित रूट पर नहीं चलती है, तो संबंधित अवधि का प्रोत्साहन नहीं मिलेगा. लगातार सेवा बाधित रहने या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जुर्माना लगाया जा सकता है और परमिट भी रद्द किया जा सकता है. इसके अलावा लाभार्थी योजना के तहत खरीदी गई बस को पांच वर्ष तक बेच या किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं कर सकेगा.

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