हिमाचल में अफसरों की फौज में कटौती, IAS के 153 पद घटकर 100-110 तक लाने की तैयारी, IPS की 96 पोस्टों पर चलेगी कैंची
सुक्खू सरकार ने प्रशासनिक खर्च घटाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार अब अफसरों की फौज पर कैंची चलाने की तैयारी में है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 17, 2026 at 3:47 PM IST
शिमला: हिमाचल में सोमवार को सरकार ने एक साथ ऐसे कई बड़े फैसलों का खाका सामने रखा, जिनका सीधा असर प्रशासन, परिवहन, कर्मचारियों और आम जनता पर पड़ने वाला है। मंडी में 25 नई इलेक्ट्रिक बसों को वर्चुअल हरी झंडी दिखाने के साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साफ संकेत दिया कि सरकार अब अफसरों की संख्या बढ़ाने के बजाय व्यवस्थाओं को मजबूत करने और योजनाओं को जमीन पर उतारने पर जोर दे रही है. एक तरफ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर में कटौती का ऐलान हुआ तो दूसरी तरफ एचआरटीसी के बेड़े में 1000 नई बसें शामिल करने की तैयारी सामने आई. सरकार का दावा है कि प्रशासनिक खर्च घटाने से होने वाली बचत को विकास और जनसेवा पर खर्च किया जाएगा.
IAS के 153 पद घटकर 130, आगे 100-110 तक लाने की तैयारी
प्रशासनिक मोर्चे पर मुख्यमंत्री का सबसे बड़ा ऐलान आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर को लेकर रहा। सरकार के मुताबिक प्रदेश में आईएएस के 153 स्वीकृत पदों को घटाकर 130 किया जा रहा है. आगे इसे 100 से 110 के बीच लाने की योजना है. आईएफएस के 118 पद घटाकर 83 और आईपीएस के 96 पदों में भी कटौती की जा रही है. दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की फाइलों को जल्द क्लीयरेंस देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही. सरकार का अनुमान है कि प्रशासनिक पदों और फिजूलखर्ची में कटौती से सालाना करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होगी.
'अफसरों की फौज नहीं, धरातल पर काम चाहिए'
कैडर में कटौती को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार की सोच साफ करते हुए कहा कि हिमाचल को बड़ी संख्या में केवल कागजी अफसरों की नहीं, ऐसे प्रशासन की जरूरत है जो योजनाओं को धरातल पर उतारे। सरकार का फोकस खर्च कम करने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक परिणामोन्मुख बनाने पर है.
युवाओं को ई-बस पर 50% सब्सिडी
सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार ने युवाओं को परिवहन क्षेत्र से जोड़ने के लिए भी राहत का ऐलान किया है. ई-बस खरीदने वाले युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पांच साल तक 80 हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान बताया गया है. वहीं डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी और पांच साल तक 50 हजार रुपये प्रतिमाह देने की योजना है. छात्रों के लिए पांच रुपये प्रतिदिन में कॉलेज पास और महिलाओं को किराये में 50 प्रतिशत छूट जारी रखने की बात भी मुख्यमंत्री ने दोहराई.
एरियर पर भी बड़ा फैसला, श्रेणीवार भुगतान का ऐलान
कर्मचारियों के एरियर को लेकर विपक्ष के हमलों के बीच मुख्यमंत्री ने सरकार की स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पे-एरियर जारी किया जा चुका है. तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिए 35 प्रतिशत, जबकि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के लिए 15 प्रतिशत एरियर देने का फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारी छोड़ने और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने न तो पेंशन रोकी है और न ही वेतन.
प्रियंका गांधी के मंडी दौरे पर भी CM ने साफ की तस्वीर
वहीं प्रियंका गांधी के प्रस्तावित मंडी दौरे को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर भी मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक रैली या जनसभा नहीं है. प्रियंका गांधी आपदा के समय किए गए वादे के तहत निर्मित स्कूल का उद्घाटन करेंगी और बच्चों से संवाद करेंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी राजनीतिक जनसभाएं सितंबर में सोलन से प्रस्तावित हैं.
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