फार्मेसी में EWS के विद्यार्थियों को इन संस्थानों में मिलेगी 10 फीसदी अतिरिक्त सीटें, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना
हिमाचल सरकार ने फार्मेसी कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था लागू की है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 19, 2026 at 10:50 PM IST
शिमला: हिमाचल में अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को फार्मेसी क्षेत्र आगे बढ़ाने के अधिक अवसर मिलने जा रहे हैं. राज्य सरकार ने फार्मेसी कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों (डिप्लोमा इन फार्मेसी) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानि EWS के विद्यार्थियों के लिए 10 फीसदी अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था लागू की है. इसको लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है.
राज्यपाल द्वारा जारी आदेशों के अनुसार ये सीटें संस्थानों की स्वीकृत प्रवेश क्षमता (Approved Intake) से ऊपर होंगी और इन्हें सुपरन्यूमेरेरी श्रेणी के रूप में माना जाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सीटों पर केवल वही अभ्यर्थी प्रवेश के पात्र होंगे, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा ईडब्ल्यूएस कैटगिरी का लाभ प्रदान किया गया हो. संस्थानों को स्वयं किसी भी अभ्यर्थी को ईडब्ल्यूएस श्रेणी का लाभ देने का अधिकार नहीं होगा. साथ ही यदि निर्धारित प्रक्रिया के दौरान ईडब्ल्यूएस सीटें नहीं भरती हैं तो उन्हें किसी अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से नहीं भरा जाएगा और वे रिक्त रहेंगी.


फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशों पर जारी हुई अधिसूचना
दरअसल राज्य सरकार के इस निर्णय की वजह फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया यानि पीसीआई द्वारा जारी किए गए निर्देश हैं. इससे पहले 20 मार्च 2026 को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के रजिस्ट्रार-कम-सेक्रेटरी की ओर से पत्र जारी किया गया था, जिसमें यह निर्देश दिए गए थे. इन निर्देशों में कहा गया था कि फार्मेसी प्रवेश प्रक्रिया में ईडब्ल्यूएस सीटों को सुपरन्यूमेरेरी सीटों के रूप में माना जाए. इसके अलावा इन सीटों को नियमित स्वीकृत प्रवेश क्षमता का हिस्सा भी नहीं माना जाए. यही वजह है कि अब विभाग ने भी इन सीटों को आरक्षण रोस्टर में शामिल नहीं किया. परिणामस्वरूप पूर्व से लागू 200-बिंदु आरक्षण रोस्टर केवल स्वीकृत प्रवेश क्षमता के अंतर्गत आने वाली दूसरी कैटागिरी की सीटों पर लागू किया गया, जबकि ईडब्ल्यूएस के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत सीटों को अलग से बनाए रखा गया.
इस अधिसूचना में राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईडब्ल्यूएस सीटों का संचालन समय-समय पर जारी निर्देशों और तय प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा. प्रवेश समितियों और रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी को सभी प्रवेशों की गहन जांच और उनका वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए गए हैं. विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अंतर्गत होने वाले प्रवेशों की पात्रता, दस्तावेजों और प्रमाण-पत्रों की सावधानीपूर्वक जांच की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित लाभ उपलब्ध कराना तथा प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, नियमसम्मत और प्रभावी बनाए रखना है.
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