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हिमाचल में सरकारी कर्मियों को मिल गया सारा DA , निराशा के बीच सोशल मीडिया पर मजेदार चुटकियां

स्वतंत्रता दिवस पर DA और पे एरियर की घोषणा न होने से कर्मचारी खफा. सोशल मीडिया पर कर्मचारियों ने पोस्ट और कमेंट की लगाई बाढ़.

DA और पे एरियर की घोषणा न होने से कर्मचारी खफा
DA और पे एरियर की घोषणा न होने से कर्मचारी खफा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 15, 2026 at 4:25 PM IST

4 Min Read
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शिमला: स्वतंत्रता दिवस पर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) और पे एरियर के भुगतान को लेकर कोई ठोस घोषणा न किए जाने पर कर्मचारियों में निराशा और रोष है. हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की नाराजगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए.

हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कहा, "प्रदेश के कर्मचारियों को पूरी उम्मीद थी कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकार लंबे समय से लंबित DA और पे एरियर के भुगतान की घोषणा करेगी. कर्मचारियों ने सरकार के हर आश्वासन पर भरोसा रखा, लेकिन आज भी उनकी वित्तीय देनदारियां लंबित हैं. स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी इस संबंध में कोई घोषणा न होना कर्मचारियों के लिए निराशाजनक है".

नरेश ठाकुर की पोस्ट
नरेश ठाकुर की पोस्ट (Social Media)

वहीं, सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर डीए की घोषणा नहीं किए जाने से राज्य कर्मचारी नाराज दिखे. सरकारी कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर डीए को सरकार की चुटकी ली. हिमाचल प्रदेश कर्मचारी संघ के नाम से फेसबुक पर एक चुटकी भरे अंदाज में पोस्ट डाला गया है.

आखिरकार DA मिल ही गया ...

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी संघ फेसबुक फेज पर एक यूजर्स ने पोस्ट में लिखा, "आखिरकार DA मिल ही गया इस बार आपदा आने के बाद भी बहुत बड़ा दिल रखा तभी सारा DA एक साथ दे दिया, कर्मचारी वर्ग आज बहुत खुश है, और अब थोड़ी देर में कुछ कर्मचारी नेता धन्यवाद करने वाली पोस्ट डालेंगे".

डीए न मिलने पर नाराज कर्मचारी की पोस्ट!
डीए न मिलने पर नाराज कर्मचारी की पोस्ट! (Social Media)

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने निकाली भड़ास

इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किया. एक यूजर्स ने लिखा, 'सारा मिल गया'. दूसरे ने लिखा, '27 में एंप्लाइज 15 भी मुश्किल देंगे'. तीसरे यूजर्स ने लिखा, 'इस सरकार से कोई आशा नहीं है और अगली सरकार कहेगी कि पिछली सरकार ने कोष खाली कर दिया है. इसलिए DA नाम को भूल जाओ'. वहीं, एक अन्य ने लिखा, '5 अटैची नहीं रखते अपने लिए तो डीए दे सकते थे, पर घर भी भरना पड़ेगा. अगली बार कोई पता थोड़ी आने का'. एक यूजर्स ने लिखा, 'बैल कभी दूध नहीं दे सकता'.

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर ने भी तंज कसते हुए एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, 'DA से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकानाएं'.

डीए को लेकर सोशल मीडिया पर यूर्जस की पोस्ट
डीए को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर की पोस्ट (Social Media)

नरेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अपने परिवारों की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. दूसरी ओर, सरकार की ओर से मिलने वाले वैधानिक वित्तीय लाभों के भुगतान में देरी से कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. DA की लंबित किस्तों और छठे वेतन आयोग के एरियर का भुगतान कर्मचारियों का जायज अधिकार है, जिसे अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता.

उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि सरकार से अपने जायज वित्तीय अधिकारों की मांग कर रहे हैं. प्रदेश के कर्मचारियों ने कोरोना महामारी सहित हर कठिन परिस्थिति में सरकार और जनता के साथ खड़े होकर अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं. इसलिए सरकार का भी दायित्व है कि वह कर्मचारियों की आर्थिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करे.

महासंघ प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की कि लंबित DA की सभी देय किस्तों तथा पे एरियर के भुगतान के लिए शीघ्र स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय लिया जाए. सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कर्मचारियों की लंबित देनदारियों का भुगतान कब तक किया जाएगा, ताकि कर्मचारी अपने आर्थिक दायित्वों और देनदारियों की बेहतर योजना बना सकें.

नरेश ठाकुर ने कहा कि अब कर्मचारियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक राहत और निश्चित समयसीमा चाहिए. यदि सरकार शीघ्र कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ प्रदेश के कर्मचारियों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेगा.

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