कॉलेजों में बंद हुए ये कोर्स, फिर भी नहीं रुकेगी पढ़ाई, इन विद्यार्थियों को बड़ी राहत
हिमाचल शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में कोर्स बंद करने को लेकर सेकेंड-थर्ड ईयर विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 18, 2026 at 7:45 PM IST
शिमला: हिमाचल सरकार की ओर से सरकारी कॉलेजों में कम नामांकन (Enrollment) वाले पाठ्यक्रमों को बंद करने के फैसले के बीच हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन पाठ्यक्रमों में नए प्रवेश बंद किए गए हैं, उनमें पहले से अध्ययनरत सेकंड और थर्ड ईयर के विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होगी. उनकी कक्षाएं और परीक्षाएं नियमित रूप से संचालित की जाएगी. इसके साथ ही संबंधित शिक्षकों का फिलहाल तबादला भी नहीं किया जाएगा, ताकि छात्रों की शैक्षणिक निरंतरता बनी रहे.
नए सत्र में प्रवेश पर फैसला लागू
दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग ने हिमाचल प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में ऐसे पाठ्यक्रमों को बंद करने का फैसला लिया है, जिनमें निर्धारित सीटों के मुकाबले 50 प्रतिशत से कम नामांकन दर्ज हुआ. यह फैसला सिर्फ नए सत्र में होने वाले प्रवेशों पर लागू होगा. यानी बंद किए गए कोर्सों में अब नए विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिलेगा, लेकिन पहले से नामांकित छात्र अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे. शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी छात्र का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा.
कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया जारी
हिमाचल प्रदेश के 123 सरकारी कॉलेजों में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया जारी है. इसी दौरान कम छात्र संख्या वाले कई पारंपरिक पाठ्यक्रमों और संकायों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. कुल्लू जिले के सैंज कॉलेज में वाणिज्य संकाय सहित मंडी जिले के संधोल कॉलेज और अन्य संस्थानों के कई कोर्स इस फैसले से प्रभावित हुए हैं. हालांकि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम संसाधनों के बेहतर उपयोग और बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है. उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार वर्तमान समय में रोजगार बाजार तेजी से बदल रहा है और युवाओं की जरूरतें भी पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़ चुकी हैं. ऐसे में कम मांग वाले पाठ्यक्रमों को जारी रखने के बजाय कॉलेजों में रोजगारोन्मुखी और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं.
27 कॉलेजों में AEDP शुरू
वहीं, प्रदेश सरकार का मानना है कि इस फैसले से विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे और उच्च शिक्षा प्रणाली अधिक व्यावहारिक और परिणामोन्मुख (Result-oriented) बनेगी. इसी दिशा में प्रदेश के 27 सरकारी डिग्री कॉलेजों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) शुरू किया जा रहा है. इन कार्यक्रमों के तहत विद्यार्थियों को ई-कॉमर्स, रिटेल ऑपरेशन मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और अन्य आधुनिक क्षेत्रों से जुड़ी शिक्षा एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा. इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है, ताकि वे डिग्री पूरी करते ही रोजगार के लिए तैयार हो सके.

