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मानसून से पहले आपदा प्रबंधन ने शुरू की तैयारी, पंचायत स्तर पर होगी आपदा मित्रों की तैनाती

हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन में आपदाओं से निपटने के लिए आपदा मित्रों को ट्रेनिंग दी जा रही है.

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 24, 2026 at 5:13 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के आगमन से पहले सरकार बरसाती आपदाओं से निपटने की तैयारियों में जुट गई है. राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा प्रदेश में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है. वहीं, किन्नौर के निचार क्षेत्र में फ्लैश फ्लड से हुए नुकसान पर भी सरकार की नजर है.

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा, "मानसून सीजन में आने वाली आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों का दौर लगातार जारी है. सरकार आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में आपदा मित्र तैनात करेगी. साथ ही पंचायत स्तर पर आपदा से निपटने के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे".

हिमाचल सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से हिमाचल प्रदेश लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है. ऐसे में लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है. मॉक ड्रिल के माध्यम से भी लोगों को आपदा के समय अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी गई है.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन को लेकर कई दौर की बैठकें आयोजित की गई हैं. अधिकारियों और जिला प्रशासन के स्तर पर भी लगातार समीक्षा की जा रही है. आपदा मित्रों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है और पंचायत घरों में रेस्क्यू उपकरण रखने की तैयारी चल रही है. साथ ही आपदा मित्रों को भी आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि डिजास्टर एक्ट के तहत निजी कंपनियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. किन्नौर जिले की निचार पंचायत में आए फ्लैश फ्लड से एक जल परियोजना को नुकसान पहुंचा है. इसके कारण स्कूल आने-जाने का रास्ता भी प्रभावित हुआ है, जिसे खोलने का कार्य किया जा रहा है. प्रदेश में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जा रही हैं. ढली स्थित एपीएमसी भवन में एनडीआरएफ की टीमों को तैनात रखा जाएगा, जबकि एसडीआरएफ की टीमें भी विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगी.

वहीं, किन्नौर जिले के उरनी में लोहे के पुल के टूटने पर राजस्व मंत्री ने कहा कि पुल गिरने की घटना के बावजूद यातायात अधिक समय तक बाधित नहीं हुआ. क्योंकि क्षेत्र में पहले से वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था. हालांकि, पुल गिरने से इलाके में चल रहे निर्माण कार्य प्रभावित होंगे. इसके अलावा सेना के ट्रक भी इस मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे उन पर भी असर पड़ेगा. हालांकि वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, लेकिन उससे यात्रा करने में करीब एक से डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लगेगा.

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