आपदा के जख्मों पर मरहम! प्रभावितों के लिए सरकार ने जारी किए ₹8.97 करोड़, जानें किसे और कितना मिलेगा मुआवजा?
सरकार ने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए राहत राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 22, 2026 at 5:36 PM IST
शिमला: हिमाचल सरकार ने वर्ष 2025 में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. जिन परिवारों के मकान पूरी तरह टूट गए या रहने लायक नहीं रहे, उन्हें किराया सहायता देने के लिए 8 करोड़ 97 लाख 90 हजार रुपये जारी किए गए हैं. सरकार का कहना है कि आपदा से जूझ रहे परिवारों को तत्काल सहारा देना प्राथमिकता है.
शहरी और ग्रामीण परिवारों को अलग-अलग सहायता
राज्य सरकार अपने संसाधनों से शहरी क्षेत्रों में प्रभावित प्रत्येक परिवार को 10 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार रुपये प्रति माह किराया सहायता दे रही है. इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के 2,817 परिवार और शहरी क्षेत्रों के 88 परिवारों को सीधा लाभ मिला है. वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से पूरे प्रदेश में लगभग 16,488 परिवार प्रभावित हुए. इनमें 2,246 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 7,888 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा.
मुआवजा राशि में बढ़ोतरी
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि देश में पहली बार आपदा पीड़ितों के लिए मुआवजा राशि में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की गई है. विशेष राहत पैकेज के तहत क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई है. पिछले तीन वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं और निजी व सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है. अनुमान है कि प्रदेश को 16,500 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है.
मकान, सामान और पॉलीहाउस के लिए भी मदद
सरकार ने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए राहत राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी है. आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे और पक्के मकानों के लिए 1 लाख रुपये की सहायता तय की गई है. घरेलू सामान के नुकसान पर पहले 2,500 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर मकान मालिकों के लिए 1 लाख रुपये और किरायेदारों के लिए 50 हजार रुपये कर दिया गया है. पॉलीहाउस के नुकसान पर 25 हजार रुपये और घरों से मलबा या गाद हटाने के लिए 50 हजार रुपये की सहायता का भी प्रावधान किया गया है.
वर्ष 2023 की आपदा के बाद आई केंद्रीय टीम ने 9,042 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान लगाया था. सरकार का दावा है कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को रिकॉर्ड समय में बहाल किया गया, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो. प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है.
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