ETV Bharat / state

हिमाचल में खेती का डिजिटल रिकॉर्ड, अब घर बैठे किसानों को एक क्लिक पर मिलेगी ये जानकारी, शुरू हुआ सर्वे

डिजिटल रिकॉर्ड से किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ मिलेगा और अपने कामों के लिए बार-बार कृषि कार्यालय भी नहीं जाना पड़ेगा.

HIMACHAL DIGITAL CROP SURVEY
हिमाचल में खेती का डिजिटल रिकॉर्ड (ETV BHARAT)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 8, 2026 at 8:50 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में कृषि व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अब प्रदेश के हर खेत और उसमें बोई जाने वाली फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. डिजिटल फसल सर्वे से न केवल रबी फसलों की सटीक जानकारी मिलेगी, बल्कि किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और मुआवजे का लाभ भी समय पर मिल सकेगा.

प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा डिजिटल फसल सर्वे की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दी गई है. जिला कुल्लू के कुल्लू, मनाली, आनी और बंजार विधानसभा क्षेत्रों में यह सर्वे शुरू हो चुका है. इस सर्वे का उद्देश्य फसलों से जुड़ा सही और प्रमाणिक डेटा तैयार करना है, ताकि भविष्य की कृषि योजनाएं इसी आधार पर बनाई जा सकें.

HIMACHAL DIGITAL CROP SURVEY
डिजिटल रिकॉर्ड से किसानों को क्या फायदा? (ETV GFX)

मोबाइल ऐप से दर्ज हो रहा खेत का डेटा

डिजिटल फसल सर्वे के तहत सर्वेयर खेतों में जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी दर्ज कर रहे हैं. इसमें किसान की भूमि का विवरण, फसल का प्रकार, बोया गया रकबा, फसल की स्थिति और समय के साथ होने वाले बदलाव शामिल हैं. जीपीएस आधारित तकनीक का उपयोग होने से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दर्ज किया गया डेटा पूरी तरह सही और भरोसेमंद हो.

फर्जी क्लेम पर लगेगी रोक

डिजिटल रिकॉर्ड बनने के बाद फसल नुकसान का आकलन अब केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर नहीं रहेगा. प्राकृतिक आपदा, सूखा या ओलावृष्टि से फसल खराब होने पर डिजिटल डेटा के आधार पर ही मुआवजा दिया जाएगा. इससे फर्जी दावों पर रोक लगेगी और वास्तविक किसानों को बिना देरी के राहत मिल सकेगी. पहले फसलों की जानकारी और नुकसान का आकलन पटवारी की रिपोर्ट पर निर्भर रहता था. कई बार बिना मौके पर गए ही रिपोर्ट तैयार होने की शिकायतें सामने आती थीं. डिजिटल सर्वे से यह व्यवस्था खत्म होगी. अब न तो अधिकारी मनमाने आंकड़े दर्ज कर पाएंगे और न ही किसान गलत दावे कर सकेंगे.

HIMACHAL DIGITAL CROP SURVEY
कैसे काम करता है डिजिटल फसल सर्वे? (ETV GFX)

रबी फसलों का पूरा खाका होगा तैयार

हिमाचल प्रदेश में रबी फसल करीब 3 लाख 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में उगाई जाती है. इनमें गेहूं सबसे प्रमुख फसल है. वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2,90,713 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुआई की जा चुकी है. डिजिटल सर्वे से यह साफ पता चलेगा कि किस क्षेत्र में कौन सी फसल कितनी मात्रा में बोई गई है.

योजनाओं और सब्सिडी में आएगी पारदर्शिता

डिजिटल डेटा के आधार पर केंद्र और प्रदेश सरकार कृषि योजनाएं तैयार करेंगी. अगर किसी क्षेत्र में गेहूं, मटर या आलू की खेती अधिक हो रही है, तो उसी अनुसार बीज, खाद और दवाइयों पर सब्सिडी दी जाएगी. इसके साथ ही फसलों को रोगों और आपदाओं से बचाने के लिए भी योजनाएं बनाई जाएंगी.

HIMACHAL DIGITAL CROP SURVEY
हिमाचल प्रदेश में प्रमुख रबी फसलों का अनुमानित रकबा (ETV GFXK)

जिला कुल्लू में डिजिटल फसल सर्वे की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. कृषि विभाग की टीमें खेतों में जाकर सर्वे कर रही हैं. उपनिदेशक कृषि विभाग जिला कुल्लू ऋतु गुप्ता ने किसानों से अपील की है कि वे सर्वेयर को सही जानकारी दें और सहयोग करें, ताकि यह पहल सफल हो सके. डिजिटल फसल सर्वे हिमाचल प्रदेश की कृषि व्यवस्था को डेटा आधारित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. इससे न केवल किसानों को समय पर लाभ मिलेगा, बल्कि सरकार भी सटीक आंकड़ों के आधार पर बेहतर फैसले ले सकेगी.

ये भी पढ़ें: हिमाचल हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुबह-सुबह एक ईमेल से मचा हड़कंप