हिमाचल कांग्रेस में ये कैसा घमासान, पूर्व पीसीसी चीफ को 11 लोग भी नहीं जानते थे, क्या कह गए प्रियंका के करीबी केहर खाची
ताजा विवाद ठियोग विधानसभा क्षेत्र और पूर्व पीसीसी चीफ कुलदीप राठौर से जुड़ा है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 18, 2026 at 4:25 PM IST
|Updated : August 18, 2026 at 5:28 PM IST
शिमला: हिमाचल कांग्रेस में बीच-बीच में अप्रिय विवादों की खबरें आती रहती हैं. इस बार ताजा विवाद ठियोग विधानसभा क्षेत्र और पूर्व पीसीसी चीफ कुलदी राठौर से जुड़ा है. कांग्रेस की बड़ी नेता प्रियंका वाड्रा के करीबी और हिमाचल प्रदेश वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने हाल ही में ठियोग की एक सभा में विवादित बयान दे डाला. उस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. केहर सिंह खाची ने कहा कि ठियोग से वर्तमान विधायक कुलदीप सिंह राठौर को पहले इस क्षेत्र में ग्यारह लोग भी नहीं पहचानते थे. खाची ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने मिलकर कुलदीप राठौर को भारी बहुमत से जिताया और विधायक बनाया. ये सब भाग्य की बात है. आगे चलकर केहर सिंह खाची की महत्वाकांक्षी भी खुलकर सामने आई. उन्होंने कहा कि कौन नहीं चाहता कि वो विधायक बने.
यहां उल्लेखनीय है कि केहर सिंह खाची व कुलदीप राठौर के बीच ये खींचतान कोई नई नहीं है. इससे पहले भी जब मानसून सीजन में पंडोह डैम में भारी संख्या में लकड़ियां बहकर आई थी, तब भी इन दोनों नेताओं में जमकर बयानबाजी हुई थी. दरअसल, सारा मामला ठियोग विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व और यहां वर्चस्व की लड़ाई का है. इधर, जैसे ही केहर सिंह खाची का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने परोक्ष रूप से कुलदीप राठौर की तारीफों के पुल बांधते हुए उनके समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख मारी.
ठीक ऐसे समय में जब राज्य सरकार कर्मचारियों को डीए व एरियर देने के दबाव से जूझ रही है, पार्टी के भीतर ही ऐसी गुटबाजी से कार्यकर्ता असहज हो रहे हैं. वैसे कुलदीप राठौर भी हाईकमान के करीबी हैं और पीसीसी चीफ रह चुके हैं. उनके बारे में कांग्रेस के ही नेता केहर सिंह खाची का ये कहना कि उन्हें ठियोग में 11 लोग भी नहीं जानते थे, खुलकर गुटबाजी का संकेत है.
यहां बता दें कि केहर सिंह खाची सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी के करीबी हैं. शिमला के समीप छराबड़ा में प्रियंका वाड्रा के जमीन सौदे में केहर सिंह खाची की अहम भूमिका रही है. खाची के पास जमीन सौदे को लेकर पावर ऑफ अटार्नी रही है. जब भी सोनिया गांधी व प्रियंका वाड्रा छराबड़ा दौरे पर आए हैं, केहर सिंह खाची अकसर उनके साथ दिखाई देते हैं. यहां तक कि वीरभद्र सिंह के सीएम होते हुए भी सोनिया गांधी व प्रियंका वाड्रा अपने निजी दौरे में किसी से नहीं मिलते थे, लेकिन केहर सिंह खाची के लिए वहां के दरवाजे हमेशा खुले रहते थे. केहर सिंह खाची विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक बनने की इच्छा रखते हैं. वायरल वीडियो में उन्होंने अपनी इच्छा पर खुलकर बात कही है.
दस साल पहले पीसीसी उपाध्यक्ष थे खाची
दिसंबर 2016 में केहर सिंह खाची को प्रदेश कांग्रेस में उपाध्यक्ष बनाया गया था. तब कहा गया था कि प्रियंका के निर्माणाधीन आशियाने की देखरेख का खाची को इनाम मिला है. उस समय के कांग्रेस महासचिव की तरफ से खाची को पीसीसी उपाध्यक्ष बनाए जाने का बयान जारी किया गया था. ये बात 21 दिसंबर 2016 की है. पीसीसी उपाध्यक्ष बनने से पहले केहर सिंह खाची को शिमला ग्रामीण का अध्यक्ष बनाया गया था. केहर सिंह खाची वैसे तो लंबे अरसे तक विद्या स्टोक्स के करीबी रहे, लेकिन बाद में वीरभद्र सिंह के साथ भी उन्होंने कुछ नजदीकियां बना ली थी.
विक्रमादित्य सिंह ने राठौर को बताया जनसेवा का पर्याय
वहीं, कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर की तारीफों के पुल बांधे हैं. विक्रमादित्य सिंह ने अपनी पोस्ट में उन्हें निष्ठा, संगठन व जनसेवा का पर्याय बताया है. विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि एनएसयूआई से अपनी यात्रा शुरू करने वाले कुलदीप राठौर पीसीसी चीफ रहे हैं. वे कांग्रेस में राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर रहे हैं. लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने लिखा कि सच्चे नेतृत्व की पहचान पदों से नहीं, बल्कि संगठन के प्रति समर्पण और जनता के प्रति जवाबदेही से होती है. वहीं, केहर सिंह खाची के बयान के वायरल होने के बाद कुलदीप राठौर समर्थकों ने उन्हें बताया है कि ठियोग के विधायक पार्टी में किन पदों पर रहे हैं और उनकी निष्ठा अपने कद का प्रमाण है. फिलहाल, खाची के बयान पर कुलदीप राठौर की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है, लेकिन इतना तय है कि दोनों नेताओं के बीच का विवाद पार्टी को ठियोग में नुकसान पहुंचाएगा.
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