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गग्गल एयरपोर्ट, गगरेट में 'बेनामी' जमीन खरीद की जांच करेगी SIT, अब खुलेगा राज़!

सरकार दोनों जगहों पर गुमनाम जमीन खरीद और इस प्रोसेस के दौरान दिए गए कथित कमीशन के मामलों की जांच करेगी.

HIMACHAL BUDGET SESSION 2026
हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र (@HimachalAssembly)
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By PTI

Published : February 17, 2026 at 7:38 PM IST

4 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार (17 फरवरी) को कांगड़ा जिले के गग्गल एयरपोर्ट और ऊना जिले के गगरेट में 'बेनामी' (गुमनाम) जमीन सौदों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने की घोषणा की. विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान गगरेट विधानसभा सीट से कांग्रेस MLA राकेश कालिया के एक सवाल का जवाब देते हुए, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार दोनों जगहों पर गुमनाम जमीन खरीद और इस प्रोसेस के दौरान दिए गए कथित कमीशन के मामलों की जांच करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि, "अगर किसी ने 'बेनामी' लेनदेन किया है, तो उसकी जमीन जब्त कर ली जाएगी और कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा. अगर जांच के दौरान ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और गग्गल एयरपोर्ट और गगरेट में जमीन की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी." उन्होंने यह भी कहा कि, हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट के सेक्शन 118 के तहत ही किसी बाहरी व्यक्ति को राज्य में जमीन खरीदने की इजाजत है.

मुख्यमंत्री ने गगरेट के कांग्रेस विधायक से कहा कि इन मामलों से जुड़े उनके पास जो भी डॉक्यूमेंट्स हैं, वे SIT को दें. शुरुआती सवाल के जवाब में, सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा में गग्गल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण के तहत अब तक 4,649 लोगों को 1,460 करोड़ रुपए से ज्यादा बांटे जा चुके हैं. यह रकम लैंड एक्विजिशन एक्ट के नियमों के मुताबिक प्रभावित लोगों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई है.

एक सप्लीमेंट्री सवाल में, विधायक राकेश कालिया ने उत्तराखंड सरकार के एक पूर्व अधिकारी पर आरोप लगाया कि वह पिछले साल हिमाचल प्रदेश सरकार को गिराने की कथित कोशिश में शामिल थे. विधायक ने आगे आरोप लगाया कि अधिकारी स्थानीय लोगों का शोषण कर रहा था और उत्तर प्रदेश की संस्कृति को राज्य में 'इम्पोर्ट' कर रहा था. कालिया ने कहा कि इन लोगों के खिलाफ 8 लाख रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन जांच रुकी हुई है.

बड़सर विधानसभा सीट से BJP MLA इंदर दत्त लखनपाल के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला में बिजली और टेलीकॉम केबल और पानी की पाइपलाइन के लिए बनाए जा रहे अंडरग्राउंड डक्ट पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इससे शहर को कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि एक बार ये डक्ट बन जाने के बाद, राज्य की राजधानी जो एक प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन है उसमें ओवरहेड तारों की समस्या हल हो जाएगी, जिससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी क्योंकि बिजली, टेलीफोन के तार और पानी के पाइप बिछाने के लिए सड़कों को और खोदना नहीं पड़ेगा.

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, छोटा शिमला से स्कैंडल पॉइंट होते हुए चौड़ा मैदान तक फैले डक्ट 150 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे हैं और क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार सब्जी मंडी में मार्केट कॉम्प्लेक्स को बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. MLA एरिया डेवलपमेंट फंड जारी करने के बारे में सुक्खू ने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) पर चल रही चर्चा खत्म होने के बाद सरकार इस मामले पर विपक्ष से सलाह लेगी. उन्होंने विपक्षी MLA से कहा कि राज्य के सामने आ रहे आर्थिक संकट को देखते हुए वे बहुत ज़्यादा MLA फंड लेटर जारी न करें.

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