रिटायरमेंट से पहले रेगुलर हुए मुख्य सचिव संजय गुप्ता, 31 मई को पूरा करेंगे कार्यकाल
हिमाचल सरकार ने रिटायरमेंट से पहले मुख्य सचिव संजय गुप्ता को सम्मानजनक विदाई के तौर पर रेगुलर किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 26, 2026 at 2:38 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए कार्यवाहक मुख्य सचिव रहे संजय गुप्ता को नियमित मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया है. दिलचस्प बात ये है कि 31 मई को रिटायर होने जा रहे 1988 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी को यह जिम्मेदारी ऐसे वक्त में सौंपी गई है, जब उनका कार्यकाल अब गिनती में सिर्फ 5 दिनों का रह गया है.
अक्टूबर 2025 से कार्यवाहक मुख्य सचिव
हिमाचल प्रदेश की नौकरशाही में लंबे समय तक अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके संजय गुप्ता पिछले साल अक्टूबर 2025 से कार्यवाहक मुख्य सचिव के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे. मूल रूप से हरियाणा से संबंध रखने वाले संजय गुप्ता राज्य के प्रदेश के सबसे वरिष्ठ IAS अधिकारियों में गिने जाते हैं. ऐसे में रिटायरमेंट से पहले उन्हें नियमित मुख्य सचिव बनाए जाने को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सम्मानजनक विदाई के तौर पर भी देखा जा रहा है.
अब कौन-कौन मुख्य सचिव की रेस में ?
सुक्खू सरकार के इस फैसले अब यह भी चर्चा चल रही है कि संजय गुप्ता की विदाई के बाद हिमाचल की नौकरशाही की सबसे ताकतवर कुर्सी पर आखिर कौन बैठेगा? सचिवालय में इसको लेकर भी हलचल तेज हो गई है. मुख्य सचिव की दौड़ में एक बार फिर केके पंत और ओंकार शर्मा के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं. दोनों ही अधिकारी वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात हैं और प्रशासनिक अनुभव के लिहाज से मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.
हिमाचल हाईकोर्ट में याचिका दायर
वहीं, संजय गुप्ता के खिलाफ प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. जिस पर हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव की नियुक्ति के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीएस संजय गुप्ता, प्रदेश सरकार और केंद्रीय कार्मिक विभाग को नोटिस जारी किए हैं. हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की डबल बेंच ने मामले में तीनों प्रतिवादियों से जवाब मांगा है. मामले में याचिकाकर्ता तिलक राज शर्मा ने IAS संजय गुप्ता को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है.
मुख्य सचिव पर लगे ये आरोप
याचिकाकर्ता का आरोप है कि, 1 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार ने फैसला लेते हुए प्रतिवादी IAS संजय गुप्ता को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया. याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारी के खिलाफ पहले से 3 एफआईआर दर्ज थीं और इन मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप शामिल हैं. याचिकाकर्ता की ओर से ईपी रॉयप्पा बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला देते हुए कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट कई बार मुख्य सचिव के पद को अत्यंत संवेदनशील पद मान चुका है. ऐसे में भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपित अधिकारी को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार देना उचित नहीं है. वहीं, सोलन के चेस्टर हल मामले में भी संजय गुप्ता पर कई गंभीर आरोप लगे हैं.

अमरजीत सिंह को मिला ये अतिरिक्त प्रभार
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने सहकारिता विभाग के सचिव अमरजीत सिंह को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है. इसको लेकर भी आदेश जारी किए गए हैं.

