हिमाचल में जनगणना का दूसरा चरण शुरू, पूछे जा रहे ये सवाल
30 सितंबर तक चलेगा अभियान. उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जनगणना में लोगों से सही एवं पूर्ण जानकारी देने को कहा है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : September 2, 2026 at 10:25 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के बर्फ से ढक जाने वाले दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना के आंकड़े जुटाने की बड़ी कवायद शुरू हो गई है. जनगणना-2027 का दूसरा चरण मंगलवार, 1 सितंबर से जिला शिमला में शुरू हो गया है. यह अभियान 1 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 तक चलेगा. उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जिलावासियों से जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग करने और गणनाकारों को सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाने की अपील की है.
जनगणना-2027 का दूसरा चरण शुरू
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि, "जनगणना के प्रथम चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अब दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू की गई है. जिला शिमला को जनगणना के लिए बर्फीले और दुर्गम इलाकों (स्नो बाउंड) के रूप में अधिसूचित किया गया है. इसके तहत निर्धारित अवधि में घर-घर जाकर जनसंख्या से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे. जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति का महत्वपूर्ण आधार है. इसके आंकड़ों का उपयोग सरकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर वितरण, विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने और जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जाता है. ऐसे में प्रत्येक परिवार की ओर से दी जाने वाली सही जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है."

1697 गणनाकार और 286 सुपरवाइजर तैनात
उपायुक्त ने बताया कि, जनगणना के लिए शिमला जिले में 1697 गणनाकार और 286 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं. अधिकारियों, फील्ड ट्रेनर्स, सुपरवाइजरों और गणनाकारों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया गया है. गणनाकार घर-घर पहुंचकर जनगणना विभाग द्वारा निर्धारित 40 प्रश्नों के माध्यम से परिवार और उसके सदस्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं. ऐसे में लोगों से अपील है कि वे गणनाकारों को नाम, आयु, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति और परिवार से संबंधित अन्य विवरणों की सही एवं तथ्यात्मक जानकारी दें. किसी भी जानकारी को छिपाने या अनुमान के आधार पर जवाब देने से बचें. घर पर मौजूद नहीं रहने वाले परिवार के सदस्यों के संबंध में भी सही जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा गया है.

जनगणना में इन विषयों पर ली जाएगी जानकारी
- व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जानकारी
- दिव्यांगता से संबंधित जानकारी
- भाषा एवं शिक्षा संबंधी जानकारी
- रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियां
- प्रवास एवं आवागमन
- महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित जानकारी
- स्वास्थ्य एवं नागरिक सुविधाएं
- बैंकिंग एवं पहचान संबंधी विवरण
स्व-गणना पोर्टल को मिला अच्छा रिस्पॉन्स
अनुपम कश्यप ने बताया कि, नागरिकों को स्वयं जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज करने के लिए Self Enumeration Portal की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई थी. यह पोर्टल 17 अगस्त से 31 अगस्त तक लाइव रहा और जिला के नागरिकों से इसे उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली. उन्होंने स्व-गणना में भाग लेने वाले नागरिकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि नागरिक किसी अनधिकृत व्यक्ति को अपनी जनगणना संबंधी जानकारी उपलब्ध न करवाएं और आवश्यकता पड़ने पर घर पहुंचने वाले गणनाकार की पहचान सुनिश्चित कर सकते हैं. किसी प्रकार की समस्या, भ्रम या शिकायत की स्थिति में संबंधित चार्ज अधिकारी अथवा प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं.

शिमला जिला उपायुक्त ने कहा कि, जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला तैयार करने वाला राष्ट्रीय कार्य है. भौगोलिक और जलवायु की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण शिमला जिले में इसे सफल बनाने के लिए प्रशासन के साथ प्रत्येक नागरिक का सहयोग जरूरी है. उन्होंने लोगों से 30 सितंबर तक घर-घर पहुंचने वाले गणनाकारों को पूरा सहयोग देने और सही जानकारी उपलब्ध करवाकर जनगणना-2027 को सफल बनाने की अपील की.
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