राजीव बिंदल की विक्रमादित्य सिंह को नसीहत, बोले- राजशाही की मानसिकता छोड़ें, चुनावी हार से बौखलाहट में कांग्रेस
विक्रमादित्य सिंह ने कहा, लगातार चुनावी पराजयों से उत्पन्न कुंठा और हताशा को भाजपा पर आरोप लगाकर दूर नहीं किया जा सकता.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 9, 2026 at 2:30 PM IST
|Updated : July 9, 2026 at 2:50 PM IST
शिमला: हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा बाहरी बोलने के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भड़क गए हैं. साथ ही उन्होंने विक्रमादित्य सिंह को राजशाही की मानसिकता छोड़ने की नसीहत दी है. राजीव बिंदल ने कहा कि उनके बयानों से साफ झलकता है कि वह आज भी राजशाही की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं. संभवतः राजपरिवार से आने के कारण उन्हें लगता है कि सामान्य परिवार से निकला व्यक्ति राजनीति और समाज सेवा में आगे नहीं बढ़ सकता और नेतृत्व का अधिकार केवल राजघरानों तक सीमित होना चाहिए. लेकिन, भारत लोकतंत्र है और यहां नेतृत्व का निर्णय जनता करती है, वंशवाद नहीं.
'आपकी उम्र से अधिक मेरी तजुर्बा'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि, "विक्रमादित्य सिंह को यह स्मरण रखना चाहिए कि उनकी वर्तमान आयु से भी अधिक समय वह हिमाचल प्रदेश में समाज सेवा और जनसेवा में सक्रिय रहे हैं. हमारा परिवार आज़ादी से भी कई दशक पहले से, जब हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और वर्तमान पाकिस्तान का क्षेत्र एक ही प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा था, तब से समाज सेवा के कार्यों में समर्पित रहा है. इसलिए हमें किसी से सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है.
'PWD मंत्री को व्यक्तिगत आरोप लगाने की आदत'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, "विक्रमादित्य सिंह को झूठ बोलने और व्यक्तिगत आरोप लगाने की आदत बन चुकी है. इससे पहले भी मंत्री ने मेरे विरुद्ध व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद हमने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में मानहानि का दावा दायर किया था. बाद में स्वयं विक्रमादित्य सिंह ने व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर वह दावा वापस लेने का आग्रह किया था. अब एक बार फिर मंत्री तथ्यों के बजाय झूठ और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेकर राजनीतिक स्तर गिराने का प्रयास कर रहे हैं, जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है."
'सुर्खियां बटोरने-राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त PWD मंत्री'
राजीव बिंदल ने कहा कि, कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए लगभग चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन प्रदेश की जनता आज भी बदहाल सड़कों, ठप पड़े विकास कार्यों, बेरोजगारी और अव्यवस्था से परेशान है. प्रदेश की अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और आम लोगों का आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है. लोक निर्माण मंत्री होने के बावजूद विक्रमादित्य सिंह केवल सुर्खियां बटोरने और राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त हैं, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है.
'पंचायत और नगर निकाय चुनावों में हार से बौखलाहट मेंकांग्रेस'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, पंचायती राज चुनावों और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी हार ने कांग्रेस नेतृत्व को पूरी तरह बौखला दिया है. उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल पर अपना स्पष्ट जनादेश दे दिया है और अब अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भाजपा पर व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं.
'लगातार चुनावी पराजयों से कुंठा और हताशा'
राजीव बिंदल ने कहा कि, विक्रमादित्य सिंह मंडी नगर निगम चुनाव के प्रभारी रहे, लेकिन कांग्रेस एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई. सोलन में भी उन्होंने बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन वहां भी कांग्रेस को निराशा ही हाथ लगी. उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी पराजयों से उत्पन्न कुंठा और हताशा को भाजपा पर आरोप लगाकर दूर नहीं किया जा सकता.
'बयानबाजी छोड़ समस्या पर ध्यान दे कांग्रेस सरकार'
राजीव बिंदल ने कहा कि, "यदि कांग्रेस सरकार वास्तव में जनता की चिंता करती है तो उसे राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर प्रदेश की बदहाल सड़कों, बेरोजगारी, विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए. हिमाचल प्रदेश की जनता अब कांग्रेस की राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है और ध्यान भटकाने के ऐसे प्रयासों में आने वाली नहीं है."
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