'मनरेगा पर झूठ की राजनीति कर रही सुक्खू सरकार, दिख रही कांग्रेस की बौखलाहट'
मनरेगा योजना को खत्म करने का आरोप लगाते हुए सुक्खू सरकार ने शिमला में प्रदर्शन किया. वहीं, भाजपा ने इसे कांग्रेस की बौखलाहट बताया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 29, 2025 at 4:12 PM IST
शिमला: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के खिलाफ कांग्रेस का विरोध जारी है. इसी कड़ी में आज मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन' किए जाने के विरोध में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित पूरी कैबिनेट ने शिमला के रिज मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया. वहीं, सरकार के इस विरोध को भाजपा नेताओं ने मनरेगा पर झूठ की राजनीति करने का आरोप लगाया है.
भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने शिमला के रिज मैदान पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मनरेगा को लेकर किए गए धरने को पूरी तरह झूठ, भ्रम और राजनीतिक नौटंकी करार दिया. सत्ती ने कहा कि कांग्रेस को जब शासन चलाना नहीं आता, तो वह तथ्यों को तोड़–मरोड़ कर जनता को गुमराह करने के लिए धरनों का सहारा लेती है. कांग्रेस का रिज मैदान पर धरना दरअसल राज्य सरकार की नाकामी, वित्तीय कुप्रबंधन और झूठे वादों से ध्यान भटकाने की असफल कोशिश है. हिमाचल की जनता अब कांग्रेस के झूठ को समझ चुकी है और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी.
विधायक सतपाल सत्ती ने कहा, 'कांग्रेस यह झूठ फैला रही है कि मनरेगा को समाप्त किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा से भी आगे बढ़कर “विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” कानून लागू किया है, जिसमें ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं बल्कि 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है. इसके लिए ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें ₹95 हजार करोड़ से अधिक केंद्र सरकार का योगदान है'.
सतपाल सत्ती ने बताया 'विकसित भारत के लिए विकसित गांव' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है. नई योजना के तहत गांवों में जल संरक्षण, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी भवन, ड्रेनेज और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है. पंचायतों की ग्रेडिंग के आधार पर फंड आवंटन, मजदूरी में देरी पर अतिरिक्त भुगतान और कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान इस बात का प्रमाण हैं कि केंद्र सरकार ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के लिए गंभीर है.
मनरेगा पर कांग्रेस का धरना सफेद झूठ की राजनीति
वहीं, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कांग्रेस सरकार द्वारा मनरेगा को लेकर दिए गए धरने को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कड़ा प्रहार किया. महाजन ने कहा कि कांग्रेस जनता को यह झूठ बताने में जुटी है कि मनरेगा को खत्म कर दिया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने इससे कहीं अधिक मजबूत और व्यापक कानून “विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” लागू किया है.
हर्ष महाजन ने कहा, 'कांग्रेस यह क्यों नहीं बताती कि नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं बल्कि 125 दिन की रोजगार गारंटी दी गई है. इसके लिए ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें ₹95 हजार करोड़ से अधिक हिस्सा केंद्र सरकार का है. यह कांग्रेस की आदत बन चुकी है कि जब भी गरीब, किसान और ग्रामीण के हित में कोई ठोस सुधार होता है, तो वह उसे खत्म करने का झूठा नैरेटिव गढ़कर सड़कों पर उतर आती है'.
महाजन ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो पार्टी संसद में अमर्यादित आचरण करती है, कागज फाड़ती है और टेबलों पर चढ़कर लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने का प्रयास करती है. वहीं, पार्टी आज महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति करने का ढोंग कर रही है. यह कांग्रेस की दोहरी मानसिकता और नैतिक दिवालियापन का प्रमाण है.
ये भी पढ़ें: 'हिमाचल में जिस योजना से लोगों को मिलता था काम, केंद्र ने उसे कर दिया समाप्त'

