राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सियासी टकराव, दूसरे दिन की कार्यवाही से पहले आमने-सामने सत्तापक्ष और विपक्ष
सत्ता पक्ष ने बीजेपी विधायकों पर लगाए राष्ट्रगान के अपमान का आरोप, भाजपा विधायकों ने लगाए 'वंदे मातरम् का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान' जैसे नारे.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 22, 2026 at 1:00 PM IST
|Updated : August 22, 2026 at 1:20 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी राष्ट्रगान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार देखने को मिली. शनिवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक दल और भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया. सत्ता पक्ष के विधायकों ने भाजपा विधायकों पर सदन के भीतर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और भाजपा से देश की जनता से माफी मांगने की मांग की. वहीं, विपक्ष ने 'वंदे मातरम् का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान' जैसे नारे लगाए.
भाजपा विधायकों पर कांग्रेस विधायकों का आरोप
कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि विधानसभा की पहले दिन की कार्यवाही शुरू होने के बाद जब राष्ट्रगान हुआ तो भाजपा विधायकों की ओर से राष्ट्रगान को लेकर आपत्ति जताई गई और राष्ट्रगीत गाने की मांग की गई. सत्ता पक्ष ने इसे राष्ट्रगान के सम्मान और विधानसभा की मर्यादा से जोड़ते हुए भाजपा के रवैये पर सवाल उठाए. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने कहा कि राष्ट्रगान देश की अस्मिता और सम्मान से जुड़ा विषय है और इसके अपमान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. कांग्रेस विधायक दल ने भाजपा से अपने रवैये पर स्पष्टीकरण देने और जनता से माफी मांगने की मांग की है.
"राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का अपना-अपना महत्व है. विधानसभा में किस अवसर पर क्या गाया जाना है, इसका फैसला विधानसभा अध्यक्ष और सदन की निर्धारित परंपराओं के अनुसार होता है. सदन के भीतर राष्ट्रगान गाया गया, लेकिन भाजपा विधायक राष्ट्रगीत गाने की मांग करने लगे. विधानसभा की कार्यवाही किस तरह चलेगी और कौन-सी परंपरा कब निभाई जाएगी, इसका फैसला भाजपा नहीं कर सकती है. विधानसभा की अपनी नियमावली, परंपराएं और प्रक्रियाएं हैं. इस मामले में भाजपा को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए." - मुकेश अग्निहोत्री, उप मुख्यमंत्री

सीएम सुक्खू ने भाजपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सदन के अंदर जिस तरह से राष्ट्रगान को लेकर स्थिति बनी, उससे कांग्रेस विधायक दल दुखी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विधानसभा की परंपराओं और मर्यादा को हर हाल में बनाए रखा जाए. सीएम सुक्खू ने कहा कि मानसून सत्र को लंबा रखा गया है, ताकि प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में विस्तार से चर्चा हो सके. बेरोजगारी, विकास, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और प्रदेश की आर्थिक स्थिति जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जरूरत है.
"भाजपा सदन में मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय उनका राजनीतिकरण कर रही है. विपक्ष से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देने और प्रदेश हित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने का आग्रह है." - सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
भाजपा ने सभी आरोपों को किया खारिज
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी टकराव में बदल गया है. सत्ता पक्ष जहां भाजपा विधायक दल पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए माफी की मांग कर रहा है. वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कांग्रेस पर झूठ बोलने और मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है. भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया. भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार पर लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज दबाने के आरोप लगाए. इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई.

सरकार पर झूठा प्रचार करने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले में सरासर झूठ बोल रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस समय विधानसभा के अंदर राष्ट्रगान हुआ, उस दौरान भाजपा विधायक दल के सभी सदस्य सावधान की मुद्रा में खड़े थे और पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान में शामिल हुए. जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रगान समाप्त होने के बाद भाजपा विधायकों की ओर से केवल यह सवाल उठाया गया कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ क्यों नहीं गाया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि इस सवाल के बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया और भाजपा विधायकों पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाकर गलत प्रचार शुरू कर दिया.
"भाजपा विधायक दल ने न तो राष्ट्रगान का अपमान किया और न ही राष्ट्रगान के दौरान किसी तरह की अवमानना की. अगर सत्ता पक्ष पक्ष अपने आरोपों को लेकर इतना आश्वस्त है तो सदन के भीतर हुई पूरी घटना का वीडियो सामने क्यों नहीं लाया जा रहा है? भाजपा विधानसभा अध्यक्ष से मांग करेगी कि राष्ट्रगान के दौरान सदन में हुई पूरी घटना की वीडियो क्लिप सभी विधायकों को उपलब्ध करवाई जाए. इससे सच्चाई सामने आ जाएगी कि राष्ट्रगान के दौरान कौन खड़ा था और किसने क्या किया." - जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
पंचायत चुनाव को लेकर साधा निशाना
जयराम ठाकुर ने कहा कि अगर वीडियो से यह साबित हो जाता है कि भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगान का अपमान किया है तो भाजपा इस पर जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन अगर कांग्रेस के आरोप गलत साबित होते हैं तो मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायकों के खिलाफ सदन की अवमानना का मामला बनता है. इस दौरान उन्होंने पंचायती राज चुनावों का लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले पंचायत चुनावों को टालने का प्रयास किया, लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद चुनाव करवाने पड़े. अब चुनाव संपन्न होने के बाद जिला परिषदों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाने में भी देरी की जा रही है.
डीसी शिमला ऑफिस पर लगाए आरोप
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर निर्देश दिए हैं और अब अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय विधानसभा सत्र का हवाला दे रहा है. जयराम ने सवाल उठाया कि विधानसभा का सत्र चलने का जिला परिषद के चुनाव से क्या संबंध है. उन्होंने शिमला डीसी ऑफिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्यालय कांग्रेस के कार्यालय की तरह काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को राजनीतिक दबाव से बाहर निकलकर संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं के अनुसार काम करना चाहिए.

