सरकार ठीक बात बोलेगी तो साथ देंगे, लोकतंत्र की आवाज दबाई तो मिलेगा मुंहतोड़ जवाब: जयराम ठाकुर
सर्वदलीय बैठक के बाद जयराम ठाकुर ने सरकार पर साधा निशाना, कहा- विकास के बजाय तालाबंदी और विपक्ष की आवाज दबाने का हो रहा काम.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 20, 2026 at 8:56 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार, 21 अगस्त से शुरू हो रहा है. मानसून सत्र को लेकर विपक्ष पूरी तैयारी में नजर आ रहा है और खासकर विपक्ष के विधायकों पर दर्ज किए जा रहे मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि इस मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रहेगी. अगर हमारी बात को गंभीरता से लिया जाएगा तो हम साथ देंगे और अगर बात टालने की कोशिश होगी तो विपक्ष सदन के अंदर और बाहर जनता की आवाज बनकर सरकार को अपनी बात मानने के लिए विवश कर देगा.
"सरकार सदन की गंभीरता को समझें और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्री ठीक बात बोलेंगे तो उनकी बात सुनी जाएगी और लोकतंत्र की आवाज कुचलने की कोशिश की तो मुंहतोड़ जवाब भी विपक्ष देगा." - जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
विपक्षी नेताओं पर दर्ज मामलों पर साधा निशाना
जयराम ठाकुर ने कहा कि पक्ष लोकतंत्र को मजबूत करने का हमेशा प्रयास करता है. जनता की आवाज प्रभावी ढंग से उठाई जा सके उसके लिए हम पूरा प्रयत्न करेंगे. बहुत सारी चीजें सरकार के व्यवहार पर निर्भर करती है. हम जनहित के मुद्दे छोड़ेंगे नहीं. पिछले कुछ समय से सरकार ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बदले की भावना से मामले दर्ज करने की एक सीरीज सी चला रखी है, जो स्वस्थ परंपरा नहीं है. मामले गंभीर हैं तो जांच होनी चाहिए, लेकिन अगर आप चाहते हैं कि विपक्ष की आवाज कैसे दबाई जाए ऐसा हम होने नहीं देंगे. न आज तक कोई हमें दबा सका है और न आगे दबा पाएगा.
प्रदेश सरकार पर लगाए ये गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार का फोकस विकास पर होना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से इन्होंने सिर्फ तालाबंदी का ही काम किया है. उन्होंने कहा कि एक और विषय आज औपचारिक बैठक में मैंने स्पीकर के समक्ष उठाया है कि पिछले चार साल में सरकार का रवैया ऐसा रहा है कि कोई भी विपक्ष का सदस्य सवाल पूछता है तो कहा जाता है कि सूचना एकत्र की जा रही है. जो सदन की गरिमा के खिलाफ है. अधिकारी सूचना आगे सरकार तक दे देते हैं, लेकिन सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री जानबूझकर कहते है सूचना एकत्र की जा रही है. यही नहीं कुछ विभागाध्यक्ष जानबूझकर सूचना छिपाने का काम करते हैं. मजबूरन हमें सूचना का अधिकार कानून का सहारा लेकर वही सूचना सदन में रखनी पड़ती है. इस बात को गंभीरता से लेना होगा.
मुख्यमंत्री के व्यवहार पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जीरो आवर में भी सदस्य को तुरंत जवाब मिलने चाहिए. प्रश्न उठाने के बावजूद अगर जवाब नहीं आता है तो ये सरकार की जवाबदेही है. विधानसभा अध्यक्ष ये सुनिश्चित करें कि मांगी गई सूचना सदस्यों को उपलब्ध करवाई जाए. हमने ये भी देखा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का व्यवहार सदन में सही नहीं होता. कई बार तो ये निम्नतम स्तर पर पहुंच जाता है. मुख्यमंत्री ठीक बात करेंगे तो हम उनको सुनेंगे और अगर व्यवहार गैर जिम्मेदाराना रहा तो हम सहयोग नहीं कर पाएंगे.

