हिमाचल में रोजगार पर गरमाएगा विधानसभा का चौथा दिन, विपक्ष के पहले ही सवाल से घिरेगी सरकार, 2 साल की हर वेकेंसी और नौकरी का हिसाब मांगा
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में पहला ही सवाल रोजगार के सबसे संवेदनशील मुद्दे पर टिका हुआ है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 8:05 AM IST
शिमला: हिमाचल विधानसभा के गलियारों में सियासी गरमाहट अब चरम पर पहुंचने वाली है. हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है. सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी और पहला ही सवाल रोजगार के सबसे संवेदनशील मुद्दे पर टिका हुआ है. झंडूता से भाजपा विधायक जेआर कटवाल और सराज से विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कार्मिक विभाग से जुड़े इस सवाल के जरिए सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद इस सवाल का जवाब देंगे. दोनों विधायकों ने सरकार से पूछा है कि गत दो वर्षों में 30 नवंबर 2024 तक विभिन्न विभागों में विभिन्न श्रेणियों की कुल कितनी रिक्तियां हुईं. इस अवधि के दौरान कितनी नौकरियां नियमित आधार पर, कितनी अनुबंध पर, कितनी दैनिक वेतन भोगी के तौर पर और कितनी पार्ट-टाइम आधार पर दी गईं.
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र का चौथा दिन
इतना ही नहीं, प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं आरंभ की गई हैं और इन योजनाओं से कितने युवा वास्तव में लाभान्वित हुए हैं. इन सवालों पर सरकार से पूरा ब्यौरा मांगा गया है. कार्मिक विभाग से जुड़े इस तारांकित प्रश्न पर विपक्ष रोजगार के मुद्दे को केंद्र में लाकर सरकार को घेरने की रणनीति पर अमल करने वाला है. पिछले दिनों सदन में वंदे मातरम् और अन्य मुद्दों पर हुए हंगामे के बाद आज प्रश्नकाल में रोजगार की बहस नया तूफान खड़ा कर सकती है.
किसानों और बागवानों का मुद्दा गूंजेगा
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को किसानों की फसलों की सुरक्षा से लेकर युवाओं के भविष्य और प्रदेश की जल संपदा के राजस्व हितों तक कई ज्वलंत मुद्दे गर्मागर्म चर्चा का विषय बनने वाले हैं. विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कार्यसूची के अनुसार, नियम-62 के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सदन के पटल पर रखे जाएंगे, जबकि नियम-130 के तहत युवा रोजगार गारंटी और जलविद्युत परियोजनाओं से बकाया राशि वसूली जैसे गंभीर विषयों पर लंबी बहस जारी रहेगी. प्रदेश के बागवानों और किसानों के लिए यह सत्र खास मायने रखता है.
कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर सदन का ध्यान आकर्षित करेंगे कि सरकार द्वारा बागवानों और किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे फफूंदनाशकों और कीटनाशकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. सेब, आम और अन्य फलों के बागानों पर निर्भर हिमाचल की अर्थव्यवस्था में इन रसायनों की गुणवत्ता का सीधा असर उत्पादकता और किसानों की आय पर पड़ता है. इसी क्रम में पवन कुमार काजल गगल क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और विस्थापन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के मुद्दे पर सदन का ध्यान आकर्षित करेंगे. गगल एयरपोर्ट विस्तार या अन्य विकास परियोजनाओं से जुड़े विस्थापित परिवारों के मुआवजे, वैकल्पिक आवास और आजीविका के सवाल लंबे समय से लंबित रहे हैं.
रोजगार पर सरकार की परीक्षा
नियम-130 के अंतर्गत 24 अगस्त को प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा मंगलवार को भी जारी रहेगी. रणधीर शर्मा, सुधीर शर्मा, राकेश जम्वाल, डॉ. हंस राज और जीत राम कटवाल संयुक्त रूप से प्रस्ताव रखेंगे कि युवाओं के लिए रोजगार संबंधित गारंटी के कार्यान्वयन पर सदन गंभीरता से विचार करे. बेरोजगारी के बढ़ते आंकड़ों और युवाओं में बढ़ती निराशा के बीच यह प्रस्ताव सरकार की रोजगार नीतियों की परीक्षा लेगा. इसी के साथ केवल सिंह पठानिया एक और अहम प्रस्ताव लेकर आएंगे. वे सदन से आग्रह करेंगे कि प्रदेश के जल संसाधनों और जलविद्युत परियोजनाओं से देय रॉयल्टी, फ्री पावर और जल उपकर की बकाया देयताओं की वसूली सुनिश्चित करने के साथ-साथ राजस्व हितों के संरक्षण के उपायों पर विचार किया जाए.
हिमाचल की जलविद्युत क्षमता राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन बकाया राशि की वसूली और मुफ्त बिजली के प्रावधानों का सही क्रियान्वयन लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. ऐसे में आज विधानसभा का सत्र किसानों, विस्थापित परिवारों, युवाओं और प्रदेश के राजस्व हितों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहने वाला है. विपक्ष इन विषयों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन प्रस्तावों के जरिए अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को सामने रखने की तैयारी में है.
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