RDG पर चर्चा से पहले पक्ष-विपक्ष में लंबी बहस, सदन में मुख्यमंत्री बनाम नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर राज्यपाल के अभिभाषण को महत्वपूर्ण न मानने के आरोप लगाए.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 17, 2026 at 10:33 AM IST
|Updated : February 17, 2026 at 10:48 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मौसम भले ही सर्द बना हुआ हो, लेकिन विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत ने सियासी पारा हाई कर दिया है. राज्य में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट यानी RDG बंद होने के मुद्दे पर सदन भी गरमाया हुआ है. आज दूसरे दिन भी इस मुद्दे पर चर्चा जारी रहेगी. इससे पहले सदन में RDG के मुद्दे पर चर्चा हो, इसको लेकर ही पक्ष विपक्ष आमने-सामने आ गए और लंबे समय तक दोनों पक्षों में बहस चलती रही. राज्यपाल के अभिभाषण के बाद से ही RDG के मुद्दे पर चर्चा से पहले ही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और मुख्यमंत्री आमने-सामने दिखे. विपक्ष ने विधानसभा की परंपरा का हवाला देते हुए राज्यपाल की अभिभाषण के बाद सदन स्थगित करने और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की मांग की. उधर सत्ता पक्ष ने नियम 102 के तहत ले गए संकल्प को जरूरी बताते हुए चर्चा का प्रस्ताव रखा.
राज्यपाल के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्र को लेकर असमंजस की स्थिति है. बजट सत्र है या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है. जयराम ठाकुर ने कहा कि अभिभाषण को लेकर राज्यपाल की टिप्पणी गंभीर है. सदन की परंपरा रही है कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद उस पर चर्चा होती है, लेकिन सरकार RDG पर चर्चा करने को आमादा हुई है. जयराम ठाकुर ने चुटकी लेते हुए कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार के कामों का लेखा-जोखा होता है, लेकिन सत्ता पक्ष इसे महत्वपूर्ण नहीं मानता. उन्होंने कहा कि अभिभाषण का बड़ा हिस्सा RDG पर है. अभिभाषण पूरा RDG के मुद्दे से भरा पड़ा है, लेकिन सत्ता पक्ष की जिद है कि सरकार संकल्प के तहत ही इस पर चर्चा हो.
केंद्रीय बजट पारित होने से पहले RDG पर चर्चा जरूरी- CM
सदन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष विचित्र परिस्थिति में है. उन्होंने कहा कि वे पक्ष-विपक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और जनता सभी की सुनते हैं. RDG के तहत राज्य को प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है. विपक्ष बताए RDG को लेकर PM मोदी के समक्ष जाने को क्या वे तैयार हैं? विपक्ष अपना जवाब देकर चर्चा खत्म करे तो राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा कर लेंगे. जनता का अधिकार सरकार की प्राथमिकता है. जब जनता के अधिकारों का हनन होता है, तब एकजुट होकर आवाज उठाने की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने कहा राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए पूरा मौका देंगे. केंद्रीय बजट पारित होने से पहले RDG पर चर्चा जरूरी है. ऐसे में संसदीय कार्य मंत्री की ओर से लाए गए संकल्प पर हो चर्चा होनी चाहिए.

