विधायक निधि पर घमासान! विधानसभा में गूंजा 1.10 करोड़ का सवाल, CM सुक्खू ने दिया बड़ा बयान
हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन आज सदन में विधायक निधि जारी न होने का मुद्दा गूंजा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 18, 2026 at 2:37 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र का आज आखिरी दिन है. सदन में बुधवार को विधायक निधि जारी न होने के मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिला. विपक्ष ने सरकार पर विकास कार्यों को बाधित करने का आरोप लगाया, तो सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए स्थिति स्पष्ट की. सदन में विधायक क्षेत्र विकास निधि पर हुई बहस के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन को आश्वस्त किया कि 1.10 करोड़ रुपए की विधायक निधि चालू बजट सत्र की है और इसे 31 मार्च से पहले हर हाल में जारी कर दिया जाएगा. सीएम ने कहा कि सरकार किसी भी क्षेत्र में विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं बनने देगी.
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि यह राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष के तहत स्वीकृत है और प्रक्रिया के अनुसार इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी किया जाएगा. सीएम सुक्खू ने 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष को लेकर जारी होने वाली विधायक क्षेत्र विकास निधि को लेकर कहा कि अब RDG बंद हो गई है. ऐसे में आगामी किश्तों को लेकर वित्तीय स्थिति की समीक्षा के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाकर फैसला लिया जाएगा कि कितनी राशि जारी की जा सकती है.
भाजपा विधायक ने उठाया मुद्दा
हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान जोगिंदर नगर के भाजपा विधायक ने विधायक क्षेत्र विकास निधि को लेकर सदन में सवाल उठाया था. जिस पर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली. विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि बजट में प्रावधान होने के बावजूद निधि जारी नहीं की जा रही, जिससे जनप्रतिनिधियों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि विधायक जनता की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्तरदायी होता है. अगर विधायक निधि पर रोक लगाई जाती है तो जनप्रतिनिधियों की भूमिका “शून्य” हो जाती है. उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सभी विधायकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निधि जारी की जाए.
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अनुपूरक प्रश्न करते हुए कहा कि विधानसभा में पारित बजट के प्रावधानों को रोका जाना उचित नहीं है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि 31 मार्च से पहले विधायक क्षेत्र विकास निधि की लंबित दोनों किस्तें जारी की जाएं, ताकि घोषित विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर बजट पारित हो चुका है तो उसके प्रावधानों को लंबित रखना संवैधानिक भावना के अनुरूप नहीं है. सदन में इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी टिप्पणियां हुईं, जिस पर अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.

