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अनुकंपा नौकरी पर बड़ा 'नो एंट्री' फैसला, उम्र निकलते ही खत्म होगा दावा, अब बेटे-बेटी को भी नहीं मिलेगा मौका

अनुकंपा नौकरी मामले में उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी किए हैं.

अनुकंपा नौकरी पर बड़ा 'नो एंट्री' फैसला
अनुकंपा नौकरी पर बड़ा 'नो एंट्री' फैसला (ETV Bharat FILE)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 30, 2026 at 8:29 PM IST

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शिमला: हिमाचल में सरकारी नौकरी की आस लगाए हजारों परिवारों के लिए सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर फैसला स्पष्ट कर दिया है, जिससे लंबे समय से चली आ रही कई उम्मीदों और भ्रमों पर एक साथ विराम लग गया है. इसको लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी किए हैं. इसमें सरकार के आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन करने वाला मूल पात्र व्यक्ति निर्धारित अधिकतम आयु सीमा पार कर जाता है, तो उसके स्थान पर परिवार के किसी अन्य सदस्य को आवेदन करने या नौकरी का दावा करने का अधिकार नहीं मिलेगा.

इन निर्देशों में कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य मृत सरकारी कर्मचारी के पात्र आश्रित को तत्काल आर्थिक राहत प्रदान करना है. यह कोई स्थायी, उत्तराधिकार आधारित या हस्तांतरणीय अधिकार नहीं है. इसलिए इसका लाभ किसी अन्य परिवार सदस्य के नाम पर न तो स्थानांतरित किया जा सकता है और न ही नामांकित किया जा सकता है.

अनुकंपा नौकरी पर बड़ा 'नो एंट्री' फैसला
अनुकंपा नौकरी पर बड़ा 'नो एंट्री' फैसला (Directorate of Higher Education Himachal Pradesh)

आश्रित नहीं बनेंगे नए दावेदार

निर्देशों के अनुसार, यदि मूल आवेदक अधिकतम आयु सीमा (45 वर्ष) पार कर लेता है, तो उसका दावा स्वतः समाप्त माना जाएगा. मौजूदा अनुकंपा नीति में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत मूल पात्र आवेदक के अयोग्य होने के बाद उसके स्थान पर बेटे, बेटी या किसी अन्य आश्रित को नया दावेदार बनाया जा सके. आदेशों में ये भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसा करना नई पात्रता उत्पन्न करने के समान होगा, जो वर्तमान नियमों के विपरीत है. इसके साथ ही इससे भविष्य में गलत परंपरा विकसित होने की आशंका भी पैदा हो सकती है.

इसी कारण सरकार ने इस तरह के किसी भी दावे को स्वीकार करने से इनकार करते हुए नियमों की स्पष्ट व्याख्या कर दी है. उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश जारी किए हैं. ऐसे में इस फैसले के बाद अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण में भी स्पष्टता आएगी और भविष्य में इस प्रकार के दावों को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी.

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