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एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी

कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.

ambulance workers strike bilaspur kullu
एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 13, 2026 at 4:05 PM IST

2 Min Read
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बिलासपुर/कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही. प्रदेश के कई जिलों में इसका सीधा असर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा. एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई जगह लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है.

15 साल से सेवाएं दे रहे कर्मचारी

बिलासपुर में एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि कर्मचारी पिछले करीब 15 वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं. वे 12-12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. कर्मचारियों ने 12 फरवरी से 17 फरवरी तक हड़ताल का ऐलान किया है. उनका कहना है कि यदि तय समय तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.

उधर जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में भी 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने सीटू के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया. डीसी कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को दोहराया. कर्मचारी भूपेंद्र ने कहा कि यह हड़ताल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है.

ओवरटाइम और तबादलों पर नाराजगी

कर्मचारियों का कहना है कि नियमित ड्यूटी के अलावा उनसे अतिरिक्त समय तक काम करवाया जाता है, लेकिन नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता. इसके अलावा मनमाने ढंग से स्थानांतरण किए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. कर्मचारियों ने बीमारी, दुर्घटना और अन्य आपात स्थिति में पूर्ण वेतन देने की भी मांग की है.

मांगें नहीं मानीं तो उग्र होगा आंदोलन

कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. फिलहाल 5 दिन तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया गया है. इस बीच मरीजों को हो रही दिक्कतों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है.

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