हिमाचल के इस जिले में गेहूं बिजाई से वंचित किसान, अब कृषि विभाग का कंटीजेंट प्लान ऐसे करेगा नुकसान की भरपाई
हिमाचल में बारिश की कमी के चलते ड्राई एरिया के किसान अब तक गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 10:07 AM IST
|Updated : January 2, 2026 at 10:22 AM IST
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में करीब दो महीने से बारिश न होने के कारण लंबा ड्राई स्पेल किसानों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है. हालांकि गुरुवार को जिले में बारिश की कुछ हल्की फुल्की बूंदे जरूर पड़ी हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में बारिश की कमी का सीधा असर गेहूं की बिजाई पर पड़ा है. विशेषकर जिले के ऊपरी व ड्राई क्षेत्रों में किसान समय पर फसल की बिजाई नहीं कर पाए हैं. लिहाजा ऐसे किसानों के लिए कृषि विभाग का कंटीजेंट प्लान संजीवनी बन सकता है और यही प्लान काफी हद तक नुकसान की भरपाई करेगा.
ड्राई लैंड में नहीं हुई गेहूं की खेती
दरअसल कृषि विभाग के अनुसार सिरमौर में गेहूं की बिजाई तीन चरणों में होती है. पहला अर्ली सीजन 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक, दूसरा मिड सीजन 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक और इसके बाद लेट सीजन रहता है. जिले के मैदानी इलाकों नाहन और पांवटा साहिब ब्लॉक सिंचित क्षेत्र होने के कारण यहां सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता से अर्ली व मिड सीजन में गेहूं की बिजाई समय रहते पूरी कर ली गई. वहीं, ऊपरी क्षेत्रों में किसानों ने रात के समय मिलने वाली नमी, पाला व मॉश्चर के सहारे लेट सीजन में भी गेहूं की बिजाई कर ली है, लेकिन जिले के अत्यधिक सूखे क्षेत्रों, जिन्हें ब्रेरन लैंड या ड्राई लैंड कहा जाता है, वहां के किसान अब तक गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए हैं. ऐसे किसानों के लिए कृषि विभाग ने कंटीजेंट प्लान के तहत राहत कदम उठाए हैं.
किसानों के लिए 1100 क्विंटल आलू का बीज
गेहूं की बिजाई से वंचित किसानों को वैकल्पिक फसल के रूप में आलू की बिजाई करने की सलाह दी गई है. इसके लिए करीब 1100 क्विंटल आलू का बीज किसानों को उपलब्ध कराया गया है. उल्लेखनीय है कि जिला सिरमौर में सामान्यतः लगभग साढ़े 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई की जाती है. जिला सिरमौर के कृषि उपनिदेशक डॉ. राज कुमार ने किसानों से आह्वान किया है कि जो किसान अब तक गेहूं की बिजाई नहीं कर सके हैं, वे समय रहते आलू की बिजाई कर लें, ताकि उनकी आर्थिक क्षति को कम किया जा सके. कृषि विभाग के मुताबिक गेहूं की बिजाई न हो पाने से जो नुकसान होगा, उसे कंटीजेंट प्लान के माध्यम से कवर किया जाएगा.
"सिरमौर जिले में पिछले करीब दो माह से बारिश न होने के कारण ड्राई स्पेल की स्थिति बनी हुई है, जिसका असर रबी फसलों विशेषकर गेहूं की बिजाई पर भी देखने को मिला है. ऊपरी एवं ड्राई लैंड क्षेत्रों में नमी की कमी के चलते कई किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए हैं. ऐसे किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा कंटीजेंट प्लान के तहत वैकल्पिक फसल के रूप में आलू की बिजाई के लिए 1100 क्विंटल बीज उपलब्ध करवाया गया है." - डॉ. राज कुमार, कृषि उपनिदेशक, सिरमौर

'10-15 दिनों में बारिश होने के आसार'
डॉ. राज कुमार ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर बारिश होने की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करें, फसलों की नियमित निगरानी रखें और किसी भी समस्या की स्थिति में नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क करें, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके.
ड्राई स्पेल के साथ कोहरे की मार
बता दें कि जिला सिरमौर में लगातार बनी शुष्क परिस्थितियों और दिन-रात तापमान में गिरावट के चलते सिरमौर जिले में फसलों पर दोहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है. ड्राई स्पेल के कारण जहां मिट्टी में नमी की भारी कमी बनी हुई है. वहीं, रात और सुबह के समय पड़ने वाला कोहरा फसलों के लिए नई समस्या खड़ी कर रहा है. गेहूं की शुरुआती अवस्था में पौधों की बढ़वार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पर नजर रखें, आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करें, खेतों में जल निकासी का ध्यान रखें और रोग नियंत्रण के लिए समय पर अनुशंसित दवाइयों का छिड़काव करें, ताकि ड्राई स्पेल और कोहरे के संयुक्त असर से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.

