ETV Bharat / state

हिमाचल में एक कंपनी के स्टोर टैंक से गैस लीक, चपेट में आए 8 कर्मचारी, मची अफरा-तफरी

सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में एक कंपनी में गैस लीक होने से 8 कर्मचारी चपेट में आ गए.

हिमाचल कंपनी में गैस लीक
हिमाचल कंपनी में गैस लीक (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 14, 2026 at 11:36 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब में शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां की एक कंपनी के स्टोर टैंक से ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ गैस का रिसाव हो गया. इस घटना में ड्यूटी पर मौजूद 8 कर्मचारी गैस की चपेट में आ गए. जानकारी के अनुसार हादसा शाम करीब 7 बजे के बाद हुआ. गैस रिसाव का पता चलते ही कंपनी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रभावित कर्मचारियों को तुरंत सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले जाया गया.

चिकित्सा विभाग के अनुसार गैस की चपेट में आए 8 कर्मचारियों में से 2 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य 6 कर्मचारियों का उपचार जारी है. डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है. सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस टीम मौके पर पहुंची.

एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया, 'प्रथम दृष्टया कंपनी प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों में लापरवाही सामने आई है. इसी आधार पर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है. पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं. साथ ही प्रभावित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके'.

क्या है ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ गैस?

दरअसल ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ एक अत्यधिक वाष्पशील और रंगहीन रासायनिक तरल पदार्थ है, जिसका उपयोग उद्योगों में मुख्य रूप से विलायक के रूप में किया जाता है. इसकी गंध हल्की मीठी होती है, लेकिन यह मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकता है.

स्वास्थ्य पर क्या पड़ता सकता है प्रभाव?

विशेषज्ञों के मुताबिक गैस के रूप में शरीर में प्रवेश करने पर यह सीधे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है. चक्कर आना, घबराहट, सांस लेने में कठिनाई और बेहोशी जैसे लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं. त्वचा या आंखों के संपर्क में आने पर जलन और रासायनिक घाव हो सकते हैं. बंद स्थान में अधिक मात्रा में इसका रिसाव ऑक्सीजन के स्तर को कम कर देता है, जिससे जान का खतरा भी पैदा हो सकता है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

ये भी पढ़ें: अब एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान हादसों में आएगी कमी! अचानक होगा साइटों का निरीक्षण, पायलटों के होंगे ड्रग टेस्ट