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हिमाचल के 2 सपूत सेना मेडल से सम्मानित, गर्व से चौड़ा हुआ वीरभूमि का सीना

हिमाचल के एक वीर को वीरता मेडल और दूसरे सपूत को कश्मीर में पराक्रम पर सेना मेडल द्वारा सम्मानित किया गया.

Army Medal to Sirmaur 2 soldiers
सिरमौर के 2 जवान सेना मेडल से सम्मानित (Soldiers Family)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 11, 2026 at 8:45 AM IST

3 Min Read
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सिरमौर: हिमाचल प्रदेश का सिरमौर जिला एक बार फिर अपने वीर सपूतों की बहादुरी पर गर्व महसूस कर रहा है. गिरिपार क्षेत्र के छोटे से गांव चियाड़ो के सूबेदार बाबू राम शर्मा और नौहराधार के थनगा गांव के जवान अनिल कुमार को भारतीय सेना द्वारा सेना मेडल से सम्मानित किया गया है. दोनों जवानों ने अलग-अलग मोर्चों पर अदम्य साहस, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देकर न सिर्फ अपनी यूनिट, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है.

17 हजार फुट पर मौत को दी मात

दरअसल गत्ताघार के चियाड़ो गांव निवासी सूबेदार बाबू राम शर्मा 26 नवंबर 2023 को 18वीं डोगरा बटालियन के साथ 17,000 फुट की ऊंचाई पर निगरानी गश्त का नेतृत्व कर रहे थे. बर्फ से ढके दुर्गम इलाके में उनकी टीम अनजाने में बारूदी सुरंग क्षेत्र में फंस गई. खराब मौसम और जानलेवा हालात के बीच सूबेदार बाबू राम शर्मा ने अपनी जान की परवाह किए बिना आगे बढ़ते हुए करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत से इन्फेंट्री सेफ लेन तैयार की और पूरी टीम को सुरक्षित बाहर निकाला. उनके इसी असाधारण साहस और नेतृत्व के लिए उन्हें सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया गया है.

SUBEDAR BABU RAM SHARMA
सूबेदार बाबू राम शर्मा वीरता मेडल से सम्मानित (Soldiers Family)

संघर्ष से शिखर तक का सफर

साल 1998 में बेहद साधनहीन परिस्थितियों में सेना में भर्ती हुए बाबू राम शर्मा चियाड़ो गांव से सेना में जाने वाले पहले व्यक्ति हैं. सड़क और मैदान के अभाव में पथरीले रास्तों पर दौड़ लगाकर उन्होंने तैयारी की. पिता देवी राम और माता चंदो देवी के त्याग व परिवार के सहयोग से उन्होंने करीब 28 सालों की सैन्य सेवा पूरी की है. उनका कहना है कि परिवार का साथ न होता तो यह सफर संभव नहीं था.

कश्मीर में गूंजा सिरमौरी शेर

वहीं, नौहराधार के थनगा गांव निवासी अनिल कुमार ने जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में 26 जून 2024 को 'ऑप्रेशन लागौर' के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ अद्वितीय साहस दिखाया. राष्ट्रीय राइफल के जवान अनिल कुमार ने शार्प शूटर की भूमिका निभाते हुए मुठभेड़ में तीन आतंकियों को सटीक निशाने से ढेर कर दिया. उनकी इस कार्रवाई से आतंकियों की भागने की कोशिश नाकाम हुई और ऑपरेशन को निर्णायक सफलता मिली.

NATIONAL RIFLE SOLDIER ANIL KUMAR
राष्ट्रीय राइफल जवान अनिल कुमार सेना मेडल से सम्मानित (Soldiers Family)

जयपुर में सम्मान, गर्व का पल

अनिल कुमार की बहादुरी को सम्मान देते हुए भारतीय सेना की साऊथ-वेस्टर्न कमांड ने 9 जनवरी को जयपुर में आयोजित समारोह में उन्हें सेना मेडल से अलंकृत किया. साल 2008 में 72 आर्म्ड रेजिमेंट में भर्ती हुए अनिल कुमार आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं. पिता भले ही इस गौरवपूर्ण क्षण को न देखने के लिए दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मां और बहनों की आंखों में गर्व के आंसू छलक रहे हैं.

वीरों की धरती सिरमौर

गौरतलब है कि अब तक 43 वीर सपूतों को देश के लिए समर्पित कर चुका सिरमौर जिला आज भी देशभक्ति और बलिदान की मिसाल बना हुआ है. सूबेदार बाबू राम शर्मा और अनिल कुमार की शौर्य गाथाएं साबित करती हैं कि संसाधनों की कमी कभी हौसलों को नहीं रोक सकती. ये दोनों वीर न केवल सिरमौर, बल्कि पूरे हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं कि जब देश पुकारता है तो यहां के बेटे सबसे आगे खड़े नजर आते हैं.

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