पहाड़ों का 'जादुई फल', जानें क्यों सी बकथॉर्न है दुनिया का सुपरफूड?
एमएसएमई फेस्ट के दौरान लाहौल स्पीति का सी बकथॉर्न यानी छरमा लोगों को खूब पसंद आया. लोग इसके औषधीय गुणों को जानकर हैरान रह गए.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 4:44 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित तीन दिवसीय हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 ने प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दी है. 3 से 5 जनवरी तक चले इस फेस्ट के समापन के बाद भी लाहौल स्पीति से आए सी बकथॉर्न यानी छरमा की चर्चा लगातार बनी हुई है. फेस्ट के दौरान यह उत्पाद लोगों के बीच इतना लोकप्रिय रहा कि इसके स्टॉल पर हर दिन भारी भीड़ देखने को मिली.
पर्यटकों को खूब पसंद आया सी बकथॉर्न
हिम एमएसएमई फेस्ट में प्रदेश के अलग अलग जिलों से आए उत्पादों ने अपनी खास मौजूदगी दर्ज कराई. हस्तशिल्प, हथकरघा, स्थानीय खाद्य उत्पाद और जैविक वस्तुओं ने पर्यटकों को आकर्षित किया. इन सबके बीच लाहौल स्पीति का सी बकथॉर्न सबसे अलग नजर आया. स्थानीय लोगों के साथ साथ पर्यटकों ने भी इसे न सिर्फ खरीदा बल्कि इसके औषधीय गुणों को लेकर जानकारी भी ली.
फेस्ट में लगाए गए लाहौल स्पीति के स्टॉल पर सी बकथॉर्न ड्राई और लिक्विड दोनों रूपों में उपलब्ध कराया गया था. स्टॉल संचालकों का कहना था कि यह फल दुर्गम और पूरी तरह प्रदूषण मुक्त घाटियों से लाया गया था. यहां सी बकथॉर्न के उत्पाद 500 रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध रहे. कोल्ड प्रेस्ड जूस और हाथ से चुनी गई सूखी बेरीज लोगों को खासा पसंद आई.
धूप में क्यों नहीं सुखाया जाता सी बकथॉर्न?
सी बकथॉर्न को सामान्य फलों की तरह धूप में नहीं सुखाया जाता. इसकी सबसे बड़ी वजह इसके पोषक तत्व हैं. विशेषज्ञों के अनुसार सीधी धूप में सुखाने से इसके विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट नष्ट हो सकते हैं. इसी कारण इसे छाया में ठंडी हवा के बीच सुखाया जाता है या आधुनिक फ्रीज ड्राइंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इससे इसके औषधीय गुण पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं.
दुनिया का सुपरफूड क्यों कहलाता है सी बकथॉर्न?
सी बकथॉर्न को दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरफूड्स में गिना जाता है. इसमें संतरे की तुलना में 10 से 12 गुना अधिक विटामिन सी पाया जाता है. यह दुर्लभ ओमेगा 7 फैटी एसिड से भरपूर होता है जो त्वचा, दिल और पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. इसके अलावा यह इम्युनिटी बढ़ाने, शुगर कंट्रोल करने और कैंसर से लड़ने में भी सहायक बताया जाता है.
लंबे समय तक सी बकथॉर्न भारतीय सेना के जवानों के आहार का हिस्सा रहा है. अब यह धीरे धीरे आम लोगों तक भी पहुंच रहा है. फेस्ट में पहुंचे कई पर्यटकों का कहना है कि उन्हें पहली बार इस फल के स्वास्थ्य लाभों के बारे में इतनी विस्तार से जानकारी मिली.
कहां-कहां पाया जाता है सी बकथॉर्न?
भारत में सी बकथॉर्न मुख्य रूप से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है. हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति और किन्नौर के अलावा लद्दाख में इसे लेह बेरी के नाम से जाना जाता है. हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 के जरिए यह सुपरफूड एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है.
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