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हिम MSME फेस्ट 2026: 'एक जिला एक उत्पाद' को मिला बूस्ट, 25.29 करोड़ के LOI पर हुए हस्ताक्षर

MSME फेस्ट 2026 राज्य के स्थानीय उत्पादों को डिजिटल बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बना. इसमें सभी 12 जिलों के ODOP स्टॉल लगाए गए थे.

हिम MSME फेस्ट 2026
हिम MSME फेस्ट 2026 (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 2:02 PM IST

4 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित MSME फेस्ट 2026 राज्य के स्थानीय उत्पादों को डिजिटल बाज़ार तक पहुंचाने का माध्यम बना. 3 से 5 जनवरी 2026 तक शिमला में आयोजित इस महोत्सव में एक जिला एक उत्पाद (ODOP) कार्यक्रम के तहत रिज़ल्ट ओरिएंटेड रिवर्स बायर सेलर मीट का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम से हिमाचल प्रदेश के स्थानीय लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बड़े स्तर पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किया गया.

25.29 करोड़ के LOI पर हस्ताक्षर

भारत सरकार की प्रमुख योजना ODOP के अंतर्गत कार्यक्रम में सभी 12 जिलों के ODOP स्टॉल लगाए गए. इन स्टॉल्स में लगे उत्पादों से शिमला में पूरे प्रदेश की झलक देखने को मिली. केंद्र की फ्लैगशिप योजना के तहत राज्य सरकार के उद्योग विभाग की ओर से 12 जिलों के 12 विशिष्ट उत्पादों की पहचान की गई है. उद्योग विभाग की ओर से हर जिले से एक उत्पाद का चयन कर उसकी ब्रांडिंग से लेकर बाजार की चुनौतियों पर निरंतर कम किया जा रहा है. इसी कड़ी में रिवर्स बायर- सेलर मीट के आयोजन से सभी जिलों के चयनित उत्पादों को बढ़वा देने का प्रयास किया गया. उद्योग विभाग की ओर से 10 ओडीओपी उत्पादों के लिए कुल 25.29 करोड़ के LOI लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर भी किए गए. LOI किसी उत्पाद के व्यापार के लिए शुरुआती समझौता पत्र होता है. हस्ताक्षर करने के बाद आमतौर पर अंतिम शर्तों पर बातचीत शुरू होती है.

शिमला में दिखे सभी 12 जिलों के खास उत्पाद

वन जिला वन प्रोडक्ट के तहत शिमला में सभी 12 जिलों से चयनित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई. इसके साथ ही इन उत्पादों के विकास के लिए निवेशकों के साथ भी विमर्श किया गया. निवेशकों की ओर से 10 ओडीओपी उत्पादों के LOI पर भी हस्ताक्षर किए गए. इनमें चंबा जिला से चंबा रुमाल, लाहौल-स्पीति से सी-बकथॉर्न के उप-उत्पाद और कांगड़ा जिले की कांगड़ा चाय व कांगड़ा पेंटिंग पर निवेशकों LOI साइन किए. इसके अलावा किन्नौर जिला से ऊनी शॉल, सिरमौर जिला से जिंजर - गार्लिक पेस्ट, किन्नौर जिला से चुल्ली ऑयल और कुल्लू जिला से कुल्लू हैंडलूम उत्पादों पर भी निवेशकों ने रुचि दिखाई है.

ब्रांडिंग और वैल्यू चेन को मिलेगी मजबूती

उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम ने कहा कि 'ओडीओपी के तहत आयोजित ये रिवर्स बायर सेलर मीट जिला विशिष्ट उत्पादों को मजबूत ब्रांड बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इस पहल से इन उत्पादों की वैल्यू चेन और बाज़ार पहुंच और मज़बूत होगी.'

मोबाइल स्क्रीन तक प्रदेश के ग्रामीण उत्पाद

रिवर्स बायर सेलर मीट का आयोजन कई मायनों में खास रहा है. इस दौरान ओडीओपी उत्पादों को ई- कॉमर्स तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार के एक और कार्यक्रम इन्वेस्ट इंडिया से जोड़ा गया. इसके साथ ही ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) और नेशनल समाल इंडस्ट्रीज कार्पोरेशन (एमएसआईसी) ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाई है. इस दौरान ओडीओपी उत्पादों के विक्रेताओं के साथ विस्तार से संवाद किया गया. इस रिवर्स बायर सेलर मीट में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ओर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) ने नेटवर्किंग पार्टनर की भूमिका निभाई. जिससे प्रदेश के उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं बढ़ी हैं.

सिर्फ़ कागज़ों तक सीमित न रहें LOI - उद्योग मंत्री

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सरकार के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने की. इस अवसर परहर्षवर्धन चौहान ने कहा कि CM सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के स्पष्ट निर्देश हैं कि LOI केवल कागज़ों तक सीमित न रहें. इस दौरान उद्योग मंत्री ने कहा कि शेष दो ODOP उत्पादों को आने वाले कार्यक्रमों में प्रमुखता दी जाए, ताकि संतुलित क्षेत्रीय विकास के उद्देश्य से प्रोडक्ट सेंट्रिक इंडस्ट्रियल हब्स विकसित किए जा सकें.

स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक उम्मीद भरी शुरुआत है. उद्योग विभाग ODOP आधारित कार्यक्रमों और अन्य पहलों से MSME विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.- डॉ. यूनुस, निदेशक, उ‌द्योग विभाग.

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