हिम MSME फेस्ट 2026: स्टार्टअप पुरस्कार से युवा उद्यमियों का बढ़ेगा मनोबल, सांस्कृतिक संध्या से लगेगा मनोरंजन का तड़का
हिमाचल में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सुक्खू सरकार हिम MSME फेस्ट 2026 का आयोजन कर रही है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 29, 2025 at 7:34 AM IST
शिमला: नए साल 2026 में 3 जनवरी से शिमला में हिम MSME फेस्ट 2026 का आगाज होने जा रहा है. प्रदेश सरकार राज्य में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है. राज्य सरकार 2026 की शुरुआत को हिम MSME फेस्ट के भव्य आयोजन से यादगार बनाने में जुटी है. 3 जनवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के साथ इस महोत्सव का शुभारंभ करेंगे. इस दौरान केंद्र सरकार के अधिकारी और उद्यम जगत के चेहरे भी शामिल होंगे.
स्टार्टअप पुरस्कार से नव उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार प्रदेश में लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिम MSME फेस्ट 2026 का आयोजन कर रही है. इस दौरान नव उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए स्टार्टअप पुरस्कार एवं सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाना है. इस सम्मान समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नए स्टार्टअप्स को सम्मानित किया जाएगा. उद्योग विभाग का कहना है कि यह पहल उद्यमिता के क्षेत्र में नए पग रखने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन देगी. सीमित संसाधनों के बावजूद अपने विचारों को सफल व्यवसाय में बदलने वाले उद्यमियों को प्रेरणा मिलेगी. यह पुरस्कार न केवल उपलब्धियों को पहचान देंगे, बल्कि युवाओं को नवाचार, जोखिम उठाने और आत्मनिर्भर होने की राह पर आगे बढ़ने का भी संदेश देगी.
उद्योग विकास पर गहन चिंतन और मनोरंजन का अनूठा संगम
हिम MSME फेस्ट 2026 में एक ओर छोटे उद्योगों के विकास को लेकर उद्यमियों और निवेशकों के साथ आम जनता को विमर्श का अवसर मिलेगा. वहीं, सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन से मनोरंजन का भी पूरा इंतजाम किया गया है. इस दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक कलाकार अपनी समृद्ध लोक संस्कृति के रंग बिखेरेंगे. संगीतमई शामों और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने का अवसर मिलेगा. राज्य सरकार सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से राज्य में उद्योगों के विकास को राज्य की संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

