तपोवन जियोथर्मल एनर्जी परियोजना, उच्च स्तरीय समिति का गठन, ऊर्जा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
चमोली में भू-तापीय ऊर्जा परियोजना की योजना, विकास एवं क्रियान्वयन के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 3, 2026 at 12:57 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में भू-तापीय ऊर्जा (Geo Thermal Energy) की बड़ी संभावनाएं है. जिसके चलते चमोली जिले के तपोवन क्षेत्र में भू-तापीय ऊर्जा परियोजना के विकास के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया.
इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि, चमोली जिले में भू-तापीय ऊर्जा परियोजना की योजना, विकास एवं क्रियान्वयन के लिए निगम ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है. ये समिति परियोजना की तकनीकी, वित्तीय एवं वाणिज्यिक व्यवहार्यता (feasibility) का विस्तृत अध्ययन कर भू-तापीय ऊर्जा के दोहन और परियोजना के चरणबद्ध विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी.

साथ ही कहा कि, समिति परियोजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए तमाम विभागों, अनुसंधान संस्थानों और विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेगी. प्रबंध निदेशक ने कहा कि, उत्तराखंड में उपलब्ध भू-तापीय ऊर्जा संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है. भू-तापीय ऊर्जा एक विश्वसनीय, स्वच्छ एवं 24 घंटे उपलब्ध रहने वाला नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जो राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
उन्होंने कहा कि, इस परियोजना के निर्माण से उत्तराखंड में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी. जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायता मिलेगी. इसके अलावा, परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां और अधिक बढ़ेंगी. साथ ही पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलेगा. भू-तापीय ऊर्जा परियोजना के सफल विकास से उत्तराखंड देश में वैकल्पिक एवं नवाचार आधारित ऊर्जा तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो सकता है.
ये परियोजना भविष्य में हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen), जिला ताप प्रणाली (District Heating), कृषि प्रसंस्करण और अन्य औद्योगिक उपयोगों के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी. तपोवन क्षेत्र में उपलब्ध भू-तापीय संसाधनों के प्रभावी दोहन से उत्तराखंड ऊर्जा आत्मनिर्भरता, हरित विकास एवं सतत आर्थिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा. ये परियोजना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में सहायक होगी. साथ ही, हरित हाइड्रोजन एवं अन्य उन्नत हरित प्रौद्योगिकियों के विकास को गति प्रदान करते हुए यह उत्तराखंड को देश के अग्रणी हरित ऊर्जा राज्यों में विशिष्ट पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
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