निजी व्यक्ति को लाभ देने के कथित सड़क निर्माण मामले में HC ने लगाई रोक, राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी
हाईकोर्ट ने मशोबरा बलदेया में 144 मीटर लंबी लिंक रोड पर पेड़ों की कटाई और निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है. जानें पूरा मामला.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 23, 2026 at 10:11 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला-मंडी रोड से मशोबरा रेंज के बलदेया के पास शिलथॉर्न टॉप तक जाने वाली लिंक रोड पर सभी तरह के निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. यह आदेश एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पारित किया गया.
मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि ग्रामीणों की ओर से सदहोरा गांव के लिए सड़क निर्माण की मांग बड़े जनहित में की गई थी. इसके तहत गांव के करीब 245 लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ पहुंचने की बात सामने आई थी. इसी आधार पर वन भूमि से होकर गुजरने वाले प्रोजेक्ट की जगह को उपयुक्त माना गया और सड़क का प्रस्तावित अलाइनमेंट तय किया गया था.
हालांकि, सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि प्रस्तावित सड़क का निर्माण कथित तौर पर केवल एक निजी व्यक्ति के घर को मुख्य सड़क से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है. इसके लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई किए जाने की बात भी सामने आई. कोर्ट ने गौर किया कि प्रस्तावित सड़क की लंबाई महज 144 मीटर है. खंडपीठ ने यह भी ध्यान में रखा कि इसी याचिकाकर्ता की ओर से पहले दायर एक जनहित याचिका में 11 मई, 2026 को आदेश पारित किया गया था. उस आदेश में वैध मंजूरी नहीं होने की स्थिति में मशीनरी के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी.
मामले में यह भी बताया गया कि सड़क निर्माण की मंजूरी इस धारणा के आधार पर दी गई थी कि सदहोरा गांव पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार गांव सड़क के नीचे स्थित है. याचिका में आरोप लगाया गया कि सड़क का निर्माण ग्रामीणों की सुविधा के बजाय निजी व्यक्ति के घर तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है. हाईकोर्ट ने फिलहाल लिंक रोड पर सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर, 2026 को होगी. इसे पिछली जनहित याचिका के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है.

