ETV Bharat / state

पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

याचिकाओं में कहा कि पुनर्गठन की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया. इससे स्थानीय नागरिकों व पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों की अवहेलना हुई है.

High Court Order
राजस्थान हाईकोर्ट (ETV Bharat Jaipur)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 9, 2026 at 9:02 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन से जुड़े मामलों को लेकर राज्य सरकार से 19 जनवरी तक जवाब देने के लिए कहा है. जस्टिस इंद्रजीत सिंह व जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने यह आदेश मुन्नालाल शर्मा सहित अन्य की याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिए.

इन याचिकाओं में राज्य सरकार की 20 नवंबर 2025 व 28 दिसंबर 2025 को जारी पंचायत पुनर्गठन से संबंधित संशोधित अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है. याचिकाओं में कहा कि पुनर्गठन की प्रक्रिया में नियमों व दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया है और इससे स्थानीय नागरिकों व पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों की अवहेलना हुई है. ऐसे में पंचायतों की सीमाओं में किए गए बदलावों से प्रशासनिक असुविधा होगी और आमजन को मूलभूत सुविधाओं तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

पढ़ें: जयपुर के पूर्व राजपरिवार का संपत्ति विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कहा— हाईकोर्ट मेरिट पर तय करे जेडीए की अपील

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हनुमान चौधरी, लक्ष्मीकांत मालपुरा और प्रदीप कलवानिया ने अदालत को बताया कि पंचायत पुनर्गठन की प्रक्रिया में जनसुनवाई और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की अनदेखी कर संशोधित अधिसूचनाएं जल्दबाजी में जारी की है. इससे प्रभावित इलाके के आमजन को उनकी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला. वहीं राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर ने पक्ष रखते हुए कहा कि पंचायतों का पुनर्गठन विधि अनुसार किया गया है. इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना व स्थानीय शासन को ज्यादा प्रभावी बनाना है, इसलिए याचिकाओं को खारिज किया जाए. इस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार को अपना जवाब पेश करने को कहा है.