हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को फीस के लिए कमेटी गठित करने के शिक्षा निदेशालय के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वो नोटिफिकेशन पर तो रोक नहीं लगाएगा, हां इसपर रोक लगाने की समय सीमा बढ़ा दी जाएगी.

Published : January 8, 2026 at 10:21 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस नोटिफिकेशन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिसमें दिल्ली के निजी स्कूलों को फीस रेगुलेट करने के लिए स्कूल स्तरीय कमेटियां गठित करने का आदेश दिया गया था. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ये कमेटियां 10 जनवरी की बजाय 20 जनवरी तक गठित की जा सकती हैं.
कोर्ट ने कहा कि स्कूल प्रबंधन की ओर से कमेटी को प्रस्तावित फीस जमा करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी की बजाय 5 फरवरी होगी. याचिका दिल्ली के निजी स्कूलों ने दायर की थी. साथ ही इसमें दिल्ली स्कूल एडुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) एक्ट की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी. याचिका में दिल्ली के शिक्षा निदेशालय के 24 दिसंबर, 2025 के नोटिफिकेशन को भी चुनौती दी गई थी. इसी नोटिफिकेशन में ये आदेश दिया गया था कि निजी स्कूल 10 जनवरी तक स्कूल स्तरीय फीस रेगुलेशन कमेटी का गठन करें. कमेटी में एक चेयरपर्सन, प्रिंसिपल, पांच अभिभावक, तीन शिक्षक और शिक्षा निदेशालय का एक प्रतिनिधि शामिल होगा.
सुनवाई के दौरान निजी स्कूलों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दिल्ली शिक्षा निदेशालय के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि ये नोटिफिकेशन कानून का उल्लंघन करता है. याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली सरकार ने कहा कि ये पूरे तरीके से संवैधानिक है और इसका मकसद स्कूलों की ओर से मनमानी फीस वसूलने पर रोक लगाना है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वो नोटिफिकेशन पर तो रोक नहीं लगाएगा, लेकिन वो इसे लागू करने की समय सीमा बढ़ा देगी.

