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आखिर ये क्या हो रहा...हाईकोर्ट परिसर को लगातार दूसरे दिन भी बम से उड़ाने की धमकी, 5 दिन में तीसरी बार

धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पूरे परिसर को खाली कराया. न्यायाधीशों ने सुनवाई बीच में रोकी.

premises were searched after the threat
धमकी के बाद परिसर की जांच (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 9, 2025 at 12:08 PM IST

4 Min Read
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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को फिर बम की धमकी से हड़कंप मच गया. बीते पांच दिन में यह तीसरा मौका है, जब कड़ी सुरक्षा वाले हाईकोर्ट में बम की धमकी मिली है. 40 दिन में बम की धमकी मिलने का यह चौथा मामला है. आज बम की धमकी मिलने के बाद पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस टीम के साथ ही बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से चप्पे-चप्पे की जांच की गई. हालांकि, जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली. अतिरिक्त कमिश्नर (अपराध) मनीष अग्रवाल का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे दहशत फैलाने की मंशा रहती है. लगातार धमकियां देने वाले लोगों तक पहुंचने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं. हाईकोर्ट परिसर में इससे पहले 5 दिसंबर और 8 दिसंबर को भी ईमेल भेजकर बम की धमकी दी गई थी.

बेहतरीन तकनीकी सपोर्ट जुटा रहे हैं: अतिरिक्त कमिश्नर (अपराध) मनीष अग्रवाल का कहना है कि हम अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. हाईकोर्ट में 3 दिसंबर के बाद से मिली धमकियों को लेकर मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी. इसे लेकर हम बेहतर तकनीकी सपोर्ट जुटा रहे हैं. जो भी धमकी भरे ईमेल भेज रहे हैं, उन तक पहुंचने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है.

अतिरिक्त कमिश्नर मनीष अग्रवाल बोले... (ETV Bharat Jaipur)

पढ़ें:हाईकोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की फिर धमकी, सुनवाई हुई बाधित

दहशत फैलाना है मकसद: अतिरिक्त कमिश्नर अग्रवाल ने कहा कि इसके पीछे जो भी लोग हैं, उनका मकसद दहशत फैलाना है. ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है. जब भी ऐसे धमकी भरे मेल आए हैं. हमने कड़ी जांच करवाई है. आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा ताकि ऐसी कोई घटना नहीं हो. आने वाले दिनों में जांच के साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे.

Police officers conducting an investigation in the High Court premises
हाईकोर्ट परिसर में जांच करते पुलिस अधिकारी (ETV Bharat Jaipur)

समय लग रहा, आखिरकार पकड़े जाएंगे: उन्होंने कहा, इंटरनेट पर इतने तरीके की चीजें उपलब्ध हैं कि उनका अच्छे और बुरे दोनों कामों के लिए इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे ही कुछ एप्लिकेशन का उपयोग करके अपनी पहचान छुपाई जा सकती है. ऐसी चीजों तक पहुंचने में समय लगता है. उन्होंने कहा, भले ही जांच में समय लग रहा है. लेकिन आखिरकार इस तरह दहशत फैलाने वाले पकड़े जाएंगे.

पढ़ें: हाईकोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलने के बाद खाली कराया गया परिसर

हाईकोर्ट चौकी प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि बम धमाके की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद उच्चाधिकारियों को जानकारी दी. पूरे हाईकोर्ट परिसर को खाली कराया. न्यायाधीशों ने सुनवाई बीच में रोकी. जजों को पास के विधिक सेवा प्राधिकरण के भवन में भेजा गया. हाईकोर्ट के मुख्य परिसर से न्यायिक कर्मचारियों, अधिवक्ताओं व पक्षकारों को बाहर निकाला. किसी भी अनहोनी ने निपटने के लिए फायर बिग्रेड और एंबुलेंस तैनात की. इससे पहले 8 दिसंबर, 5 दिसंबर और 31 अक्टूबर को भी मेल भेजकर हाईकोर्ट में बम विस्फोट की धमकी दी जा चुकी है.

काम होता है प्रभावित: हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा के माकूल इंतजाम हैं, लेकिन बीते डेढ़ माह में चार बार बम से उड़ाने के मेल मिल चुके हैं. जांच एजेंसियां अभी तक पता नहीं कर पाई कि मेल कहां से आए हैं. हर बार मेल मिलने के बाद मुकदमों की सुनवाई बीच में बंद करनी पड़ी. कोर्ट खाली करा लिए जाते हैं. इससे भय का माहौल पैदा होता है. साथ ही मुकदमों की सुनवाई भी प्रभावित होती है.

पढ़ें: जयपुर कलेक्ट्रेट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, तलाशी में कुछ संदिग्ध नहीं मिला

हर जांच की भारी लागत: बम की धमकी पर जहां भय का माहौल बनता है, वहीं सरकार पर आर्थिक भार भी पड़ता है. दर्जनों पुलिसकर्मियों की तैनात के साथ ही बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड, फायर बिग्रेड और एंबुलेंस की तैनाती पर खर्चा आता है.