नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में मीटिंग न बुलाने पर हाईकोर्ट सख्त, हिमाचल सरकार पर पांच लाख का जुर्माना
राजधानी के पास घंडल नामक स्थान पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के मामलों से जुड़ी बैठक में लेट-लतीफी करना हिमाचल सरकार को भारी पड़ा है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 23, 2026 at 7:28 AM IST
शिमला: हिमाचल की राजधानी शिमला के समीप घंडल स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के मामलों से जुड़ी बैठक में लेट-लतीफी करना हिमाचल सरकार को भारी पड़ा गया है. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस ढीले रवैये को न्यायपालिका की स्थिति से समझौता करार दिया है. साथ ही कहा है कि ये न्यायपालिका का गंभीर अनादर है. इन टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया की अगुवाई वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया के साथ न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी हैं. खंडपीठ ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी घंडल शिमला से जुड़े नीतिगत और बुनियादी ढांचे के मसलों पर मीटिंग न बुलाने पर ये कार्रवाई की है. ये आदेश हाईकोर्ट की तरफ से स्वत संज्ञान ली गई जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान जारी किया गया.
मामले के अनुसार न्यायालय के संज्ञान में ये तथ्य आया कि 15 जून 2026 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश की अध्यक्षता में यूनिवर्सिटी की गवर्निंग काउंसिल की 5वीं बैठक हुई थी. बैठक में तय हुआ था कि छात्र सुरक्षा और परिसर के बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को सरकार बिना कोई देरी के हल करे. नीतिगत मुद्दों को सुलझाने के लिए चांसलर, मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्रियों, महाधिवक्ता और कुलपति के बीच जल्द मीटिंग बुलाने के निर्देश दिए गए. काउंसिल के निर्देशों और कुलपति के बार-बार अनुरोध के बावजूद पिछले दो माह से सरकार ने यह बैठक आयोजित नहीं की.
अदालत ने कहा कि यह सरकार की तरफ से दिए गए भरोसे का सीधा उल्लंघन है. यूनिवर्सिटी प्रशासन लंबे समय से राज्य सरकार के समक्ष जिन मांगों को उठा रहा है उनमें लॉ यूनिवर्सिटी को राज्य विश्वविद्यालयों की आधिकारिक सूची में शामिल करना और उसके सुचारू संचालन के लिए राज्य के बजट में वित्तीय सहायता का प्रावधान करना है. इस मामले में सरकार की देरी पर सख्ती दिखाते हुए हाईखोर्ट ने 5 लाख जुर्माना लगाया है. साथ ही आदेश जारी किया है कि जुर्माने की रकम का सीधे लॉ यूनिवर्सिटी घंडल को भुगतान किया जाए. मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को तय की गई है.

