छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी, पुलिस के साथ FSL टीम भी हो रही हाईटेक, जानिए खासियत
प्रदेश की पुलिस को मिली हाईटेक ताकत, नए फॉरेंसिक वैन से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, घटनास्थल पर वैज्ञानिक जांच होगी तेज

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 23, 2026 at 3:30 PM IST
धमतरी/दंतेवाड़ा/कवर्धा: छत्तीसगढ़ में पुलिस के साथ अब फॉरेंसिक टीम भी हाईटेक हो रही है. प्रदेश के अलग-अलग जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है. जिससे अब घटनास्थल पर वैज्ञानिक जांच और तेज हो सकेगी.
धमतरी में दिखाई गई हरी झंडी
अपराधों की जांच अब और अधिक आधुनिक, तेज और वैज्ञानिक तरीके से होगी. धमतरी पुलिस को अत्याधुनिक हाईटेक एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है. इसका शनिवार को पुलिस लाइन रूद्री धमतरी में शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर महापौर जगदीश रामू रोहरा, पूर्व विधायक इंदरचंद चोपड़ा और पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने हरी झंडी दिखाई.
पुलिस की चुनौतियां होंगी कम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर जगदीश रामू रोहरा ने कहा कि पुलिस के कार्यों से आमजन का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है. एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन जैसी सुविधा मिलने से जांच और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी होगी. वहीं पूर्व विधायक इंदरचंद चोपड़ा ने हाल के दिनों में धमतरी पुलिस द्वारा कई जटिल और चुनौतीपूर्ण मामलों के सफल निराकरण की सराहना की. वहीं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की बदलती प्रकृति को देखते हुए पुलिसिंग को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना आवश्यक हो गया है. एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन से कई जांच मौके पर हो जाएंगे.

जानिए हाईटेक फॉरेंसिक वैन की खासियत
घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर यह वैन फिंगरप्रिंट परीक्षण, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों का संरक्षण कर सकेगी. इसके लिए फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच से साक्ष्य जुटाए जाएंगे. जिससे न्यायालय में अपराधियों के खिलाफ और अधिक मजबूत प्रमाण प्रस्तुत किए जा सकेंगे. साइबर अपराध, मोबाइल चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, धमकी, ब्लैकमेलिंग और अन्य अपराधों में डिजिटल साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे मामलों में देरी होने पर कई बार साक्ष्य नष्ट हो जाते हैं, लेकिन अब यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन मौके पर ही आवश्यक डाटा सुरक्षित करने और तकनीकी जांच करने में मदद करेगी. इस हाईटेक वैन में आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी सहायता से मोबाइल ट्रैकिंग, डिजिटल डाटा रिकवरी, कॉल डिटेल विश्लेषण, लोकेशन ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी जांच तेजी से की जा सकेगी.

दंतेवाड़ा में भी शुभारंभ
दक्षिण बस्तर के दन्तेवाड़ा जिले को भी मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है. दन्तेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी एवं नगरपालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता ने इसकी शुरुआत की. वहीं कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि यह वैन जिले में होने वाले अपराधों और घटनाओं में त्वरित साक्ष्य संकलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी. जिले के लोगों ने भी पुलिस की इस नई पहल की सराहना की है.
मोबाइल चोरी पर लग सकती है लगाम
दन्तेवाड़ा शहर सहित गीदम, बचेली, किरंदुल और अन्य क्षेत्रों में मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. बाजार, अस्पताल, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी आम समस्या बन चुकी थी. कई मामलों में मोबाइल का उपयोग अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी किया जाता था. अब इस फॉरेंसिक वैन के माध्यम से चोरी हुए मोबाइलों की ट्रैकिंग कर अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा.
कवर्धा में भी हरी झंडी के साथ रवाना हुई वैन
विज्ञान प्रयोगशाला परिसर जनपद कॉम्पलेक्स कवर्धा में मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब घटनास्थल पर ही कई आवश्यक वैज्ञानिक परीक्षण किए जा सकेंगे, जिससे जांच में समय की बचत होगी और साक्ष्यों की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी. इससे जिले में अपराधों की जांच में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ेगा

