हर्बल कलर वाली होली के लिए महिलाओं की मेहनत, फल और सब्जी से हुए रंग तैयार, फ्लेवर्ड गुलाल बच्चों की खुशियां करेगा दोगुनी
कोरबा में महिला स्व सहायता समूह ने कंपनी बनाकर हर्बल कलर बनाने का काम शुरु किया है.महिलाएं अब ऑर्डर पूरा करने पर फोकस कर रहीं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 28, 2026 at 1:23 PM IST
राजकुमार शाह,कोरबा
कोरबा : बदलते वक्त के साथ अब होली त्यौहार भी बदलता जा रहा है. होली में अब केमिकल रंगों की जगह हर्बल कलर ने ले ली है.लोगों ने अब बदलते जमाने के साथ खुद को बदलने का फैसला किया है. इसके लिए हर कोई अब होली सुरक्षित तरीके से मनाना चाहता है. मध्यमवर्गीय परिवार के लोग भी ऐसे रंगों से होली खेलना चाहते हैं, जिनसे किसी तरह का कोई नुकसान न हो. इसी सोच को साकार करने का बीड़ा महिला स्व सहायता समूहों ने उठाया है.
महिला समूह ने बनाई कंपनी
कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड की महिला समूह ने हर्बल कलर का उत्पादन शुरु किया है. महिला समूह ने इसके लिए कंपनी बनाई है. जिसका नाम बुका महिला फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड है. इस कंपनी के माध्यम से महिलाएं 10 से 20 टन गुलाल तैयार कर रही हैं. कंपनी में 10000 महिलाएं जुड़ी हुई हैं. जबकि कुछ महिला शेयर होल्डर हैं. अन्य समूह के महिलाएं भी समिति से जुड़कर गुलाल का निर्माण कर रही हैं.
सब्जी और फलों के रंगों से तैयार हो रहा गुलाल
महिलाएं हर्बल कलर तैयार करने के लिए सब्जी और फलों का इस्तेमाल कर रही हैं.महिला समूह ने बच्चों के लिए गुलाल में फ्लेवर भी ऐड किए हैं. जिससे यदि गुलाल गलती से बच्चों के मुंह में चला जाए तो उनका स्वास्थ्य ना बिगड़े.

ब्लॉक से मिलता है बड़ा ऑर्डर
पूर्व में अलग-अलग महिला समूह गुलाल का निर्माण करते थे. इस बार संगठित तौर पर कंपनी के जरिए गुलाल का निर्माण हो रहा है. कोरबा जिले के पांचों विकासखंड से आर्डर मिले हैं. ढाई टन ऑर्डर की आपूर्ति की जा चुकी है. जबकि कई टन ऑर्डर की आपूर्ति करने का काम बचा है. होली के पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा. एक ही स्थान पर संगठित तौर पर गुलाल का निर्माण करने से अधिक गुलाल का निर्माण हो रहा है. ठोस मार्केटिंग स्ट्रैटेजिक के जरिए गुलाल मार्केट में भी आसानी से सुलभ हो रहा है. महिलाओं के इस हर्बल गुलाल को खासा पसंद किया जा रहा है.

सबसे जरूरी बात यह है कि महिलाओं को आजीविका से जोड़ा गया है. अधिकारियों का भी सपोर्ट है. हमारे हर्बल गुलाल से किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. यह पूरी तरह से हर्बल युक्त गुलाल है - जीविका किस्पोट्टा, सदस्य,महिला समूह

इसी तरह कंपनी की शेयर होल्डर सरिता नेटी कहती हैं कि हमारा गुलाम पूरी तरह से हर्बल है. स्किन और आंखों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है.
हमने किसी तरह का बाहरी केमिकल का इस्तेमाल नही किया है. बच्चों के लिए खास तरह का फ्लेवर ऐड किया गया है. वनीला, मिक्स फ्रूट और व्हाइट रोज के फ्लेवर ऐड किए गए हैं. जिससे कि बच्चों को भी यह गुलाल पसंद आएंगे- सरिता नेटी,शेयर होल्डर
बड़ी संख्या में आ रहा हैं ऑर्डर
महिलाओं की कंपनी की अध्यक्ष पूजा सिंह कहती है कि उनकी कंपनी में 10000 सदस्य और शेयर होल्डर भी हैं. जिन्होंने गुलाल बनाने का काम जारी रखा हुआ है.
हमारे पास 20 टन का आर्डर है. फिलहाल हमने ढाई टन का आर्डर सप्लाई कर दिया है. पाइनेप्पल, स्ट्रॉबेरी जैसे फ्लेवर भी हमने ऐड किया है. जिससे गुलाल को काफी पसंद किया जा रहा है. हल्दी हम घर में ही तैयार करते हैं और उसी को रंग के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी तरह से अन्य फल और सब्जियों से भी हमने रंग लिए हैं- पूजा सिंह, अध्यक्ष
पूजा सिंह ने बताया कि फ्लेवर ऐड करने के बाद इसे खूब पसंद किया जा रहा है. मार्केट में हमारे गुलाल की डिमांड इतनी है कि हम आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं. हमने थोड़ा देर से काम शुरू किया है. जिसके कारण निर्माण कुछ कम हुआ है. हमारे गुलाल की डिमांड मार्केट में काफी अधिक है.
फ्लेवर्ड गुलाल बना रहा अलग मार्केट
आपको बता दें कि कोरबा में हर्बल गुलाल काफी लोकप्रिय हुआ है. ऐसे में बुका महिला फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़ी महिलाएं होली से पहले ज्यादा से ज्यादा हर्बल गुलाल को तैयार कर रही हैं.ताकि मार्केट में सभी लोग सेफ तरीके से होली मनाए.यही नहीं होली में सबसे ज्यादा चिंता बच्चों के सेहत से जुड़ी हुई होती है.ऐसे में महिलाओं ने बच्चों के लिए भी फ्लेवर्ड गुलाल बाजार में लाया है,जो ना सिर्फ अलग मार्केट तैयार करेगा बल्कि बच्चों को भी जी भर के रंगों के साथ खेलने की आजादी देगा.
अबूझमाड़ का हर्बल गुलाल शहर में बिखेरेगा रंग, महिला समूह ने लोकल प्रोडक्ट को बनाया ब्रांड
छत्तीसगढ़ के इस गांव में हफ्ते भर पहले ही उड़े रंग गुलाल, लोगों ने जमकर खेली होली, जानिए वजह
होली मार्केट, गुलाल से भरे हुए सिलेंडर के साथ ही आइस मैजिक बना आकर्षण का केंद्र

