सराज घाटी में भारी बर्फबारी से जनजीवन ठप, बर्फ में 15 KM कंधों पर रख बीमार बुजुर्ग को पहुंचाया अस्पताल
पिछले दिनों सराज घाटी में भारी बर्फबारी होने से स्थानीय लोग परेशान. बर्फबारी के सड़कें बाधित होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बना चुनौती.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 6, 2026 at 12:42 PM IST
मंडी: हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद एक ओर किसानों-बागवानों में खुशी की लहर है वहीं दूसरी ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी से ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है. क्षेत्र की सड़कें बर्फ से ढकी होने के कारण पूरी तरह बंद हैं, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है. कई इलाकों में 2 फीट तक बर्फ जमने से संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं.
कंधों पर उठाकर बुजुर्ग मरीज को पहुंचाया अस्पताल
मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत घाट के छलाई गांव से मानवता और साहस की एक मिसाल सामने आई है. गांव के बुजुर्ग शिव लाल जो पिछले 2 दिनों से बीमार चल रहे थे, उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई. सड़क मार्ग पूरी तरह बंद होने के कारण न तो एंबुलेंस और न ही कोई अन्य वाहन गांव तक पहुंच सका. ऐसे में ग्रामीणों ने हालात का सामना करते हुए बुजुर्ग को कंधों पर उठाया और करीब 15 किलोमीटर जोखिम भरी पैदल यात्रा कर उन्हें गाड़ागुशैणी तक पहुंचाया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण पालकी के माध्यम से बुजुर्ग को अस्पताल तक ले जाते दिखाई दे रहे हैं.
बर्फबारी के बाद सराज घाटी में जनजीवन ठप
स्थानीय निवासी फर्मेश राजपूत ने बताया कि, "हाल ही में क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई, लेकिन इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क बहाली का कार्य बेहद धीमी गति से किया जा रहा है. पिछले लगभग 10 दिनों में विभाग केवल करीब 3 किलोमीटर सड़क से ही बर्फ हटाने में सफल हो पाया है, जबकि घाट से गाड़ागुशैणी सड़क का बड़ा हिस्सा अब भी बंद पड़ा है. इसी वजह से ग्रामीणों को मजबूरी में पैदल सफर करना पड़ा."

सड़कें बाधित होने से रोजगार पर भी संकट
फर्मेश राजपूत ने कहा कि, "सड़कें बंद होने से न केवल बीमार और बुजुर्ग परेशान हैं, बल्कि टैक्सी चालक और वाहन मालिकों की आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है. कई टैक्सियां रास्तों में फंसी हुई हैं. इस समस्या को लेकर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से भी बात की गई है. ग्रामीणों की मांग है कि घाट से गाड़ागुशैणी सड़क पर जल्द से जल्द 2 मशीनें तैनात कर तेज गति से बर्फ हटाया जाए, ताकि यातायात बहाल हो सके. यदि समय रहते सड़कें नहीं खोली गईं तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं."

सड़क मार्ग जल्द से जल्द बहाल करने का आश्वासन
मामले को लेकर उपमंडल अधिकारी बाली चौकी बेचित्तर ठाकुर ने बताया कि, "घाट-गाड़ागुशैणी सड़क के करीब 12 किलोमीटर हिस्से में भारी बर्फबारी हुई है. अब तक लगभग 5 किलोमीटर मार्ग को बहाल कर दिया गया है, जबकि शेष 7 किलोमीटर मार्ग पर मशीनरी के माध्यम से कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिसे अगले एक-दो दिन में हटा दिया जाएगा. लोगों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सड़क बहाली का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा."
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