ETV Bharat / state

राजस्थान में 10 दिन बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून, जयपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश

अभी तो 24 घंटे के दौरान पूर्वी राजस्थान में झमाझम बारिश देखने को मिली है.

सी स्कीम इलाके में सड़क पर भरा पानी
सी स्कीम इलाके में सड़क पर भरा पानी (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 25, 2026 at 11:35 AM IST

7 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर : राजस्थान में करीब दस दिन बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. नए मौसम तंत्र के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है. राजधानी जयपुर में मंगलवार अलसुबह से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है. शहर के कई इलाकों में तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया, वहीं कई कॉलोनियों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान में 25 से 27 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है.

पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने के आसार : मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के असर से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं. 25 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है, जबकि 26 और 27 अगस्त को भी आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार 24 से 26 अगस्त के दौरान कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

इसे भी पढ़ें: पूरी रात रिमझिम और तेज बारिश, कोटा में 42.4 मिमी बरसात, फसलों को मिली संजीवनी

15 जिलों में येलो अलर्ट : 25 अगस्त को मौसम विभाग ने चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, जयपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है. सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. यानी अगले कुछ दिनों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का अलग-अलग मिजाज देखने को मिलेगा.

जयपुर में अलसुबह से बारिश, सड़कें जलमग्न : राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली. अलसुबह कई इलाकों में तेज बारिश हुई, इसके बाद रुक-रुककर रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा. चारदीवारी क्षेत्र के साथ शहर की बाहरी कॉलोनियों में भी बारिश हुई. झमाझम बारिश के बाद शहर की कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं. जगह-जगह जलभराव से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई. निचले इलाकों में पानी जमा होने से नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठे. जयपुर जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान तुंगा में 65 मिमी, चाकसू में 46 मिमी, कोटखावदा में 46 मिमी, सांगानेर में 35 मिमी, जयपुर शहर में 31 मिमी, जालसू में 24 मिमी, बस्सी में 21 मिमी और आमेर में 16 मिमी बारिश दर्ज की गई.

जयपुर के आसमान में छाए बादल
जयपुर के आसमान में छाए बादल (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)

प्रदेश में कहां कितनी बारिश : 25 अगस्त को राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर के भाड़ौती में 120 मिमी दर्ज की गई. इसके बाद टोंक के अलीगढ़ में 108 मिमी, सवाई माधोपुर के भंवरा और दौसा के राहुवास में 105-105 मिमी, डीग के सीकरी में 102 मिमी बारिश हुई. दौसा शहर और लालसोट में 95-95 मिमी, हरसोली में 87 मिमी, गोविंदगढ़ में 82 मिमी, ठिकरिया और किशनगढ़ बास में 80-80 मिमी, मालाखेड़ा में 79 मिमी और दौसा के निर्झरना में 78 मिमी बारिश दर्ज की गई. भरतपुर के सीकरी में भी पिछले 24 घंटे में 102 मिमी बारिश दर्ज हुई.

इसे भी पढ़ें: प्रदेश में मानसून पड़ा धीमा, पश्चिमी हिस्सों में फिर सताएगी गर्मी और उमस, 11 जिलों में बारिश का अलर्ट

टोंक में मानसून मेहरबान, किसानों के चेहरे खिले : टोंक जिले में पिछले 24 घंटे से कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश का दौर जारी है. अलीगढ़ तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा 108 मिमी बारिश दर्ज की गई. उनियारा में 73 मिमी, टोंक शहर में 63 मिमी, पीपलू में 55 मिमी, निवाई में 46 मिमी, दूनी में 42 मिमी, नगरफोर्ट में 35 मिमी, देवली में 30 मिमी और टोडारायसिंह में 19 मिमी बारिश हुई. बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं. कई बांधों में पानी की आवक शुरू हो गई है. हालांकि जिले में अब तक सामान्य के मुकाबले बारिश का आंकड़ा काफी कम बताया जा रहा है. लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या भी सामने आई है. निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सावित्री फुले छात्रावास के पास की कॉलोनी जलमग्न हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई. इन हालात के बीच बीसलपुर बांध में अब जल स्तर कम होने लगा है, जहां 22 अगस्त को बांध का जलस्तर 314.06 आरएल मीटर दर्ज किया गया था , वहीं 12 घंटे पहले बांध का जल स्तर 314.005 आरएल मीटर रह गया.

बूंदी में 12 घंटे में 39.71 मिमी बारिश : बूंदी जिले में भी लगातार बारिश का दौर जारी है. जिला प्रशासन के अनुसार शाम 5 बजे से सुबह 8 बजे तक 12 घंटे में जिले में औसतन 39.71 मिमी बारिश दर्ज की गई. नैनवां में सर्वाधिक 72 मिमी, केशोरायपाटन में 67 मिमी, रायथल में 50 मिमी, बूंदी शहर में 28 मिमी, हिंडोली में 23 मिमी, तालेड़ा में 21 मिमी और इंद्रगढ़ में 17 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई. लगातार बारिश से जिले के बांधों में पानी की आवक बढ़ने लगी है. तालेड़ा स्थित बरधा बांध का जलस्तर भी बढ़ रहा है. यहां जल्द ही चादर चलने की संभावना जताई जा रही है. बारिश से धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों को भू-जल स्तर में सुधार की भी उम्मीद जगी है.

हिंडौन में सड़कें बनीं दरिया, पांचना बांध में बढ़ी आवक : करौली जिले के हिंडौन में तेज बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न हो गईं. कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया. इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं पांचना बांध में पानी की आवक बढ़ने से बांध का गेज 9.10 मीटर से बढ़कर 9.15 मीटर पहुंच गया है. बांध का जलस्तर बढ़ने से आसपास के किसानों और ग्रामीणों को राहत की उम्मीद है.

इसे भी पढ़ें: Monsoon Udate: 23 अगस्त तक उत्तर-पूर्वी राजस्थान में बढ़ेगी बारिश की गतिविधि, जयपुर समेत कई शहर भीगे

सामान्य से कम बारिश की चिंता बरकरार : नए सिस्टम से पूर्वी राजस्थान में बारिश ने किसानों और आम लोगों को राहत जरूर दी है, लेकिन प्रदेश में मानसून की कुल स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है. 24 अगस्त तक प्रदेश में औसत बारिश 336.79 मिमी के मुकाबले 280.46 मिमी दर्ज हुई है. यानी बारिश सामान्य से करीब 16.73 फीसदी कम है. पिछले साल अगस्त तक प्रदेश में 499.07 मिमी बारिश हो चुकी थी. इस बार सामान्य से कम बारिश के कारण कई जिलों में जलस्रोतों और खेती पर दबाव बना हुआ है. ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. फिलहाल मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 25 से 27 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के आसार हैं.