चित्रकूट में बारिश ने मचाई तबाही, रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, फंसे लोगों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
सतना के चित्रकूट में सैकड़ों लोग बाढ़ के बीच में फंसे, जिनका हेलीकॉप्टर के जरिए किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन.प्रदीप कश्यप की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 29, 2026 at 11:11 PM IST
सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में बीते शुक्रवार से लगातार बारिश का दौर जारी है. जिसके चलते चित्रकूट की मंदाकिनी नदी के साथ-साथ आसपास के नदी-नाले उफान पर हैं. मंदाकिनी नदी का जल स्तर बढ़ाने की वजह से पूरे चित्रकूट के अधिकांश हिस्से में पानी भर चुका है. जिससे लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. वहीं करीब 300 से अधिक दुकानें एवं घर पानी की चपेट में आ चुके हैं. सैकड़ो लोग अपने घर की छतों पर फंसे नजर आ रहे हैं.
चित्रकूट के चितहरा से मानिकपुर रेलवे ट्रैक में पानी भरा
लोगों की मदद के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन की तरफ से एनडीआरएफ एवं एसडीईआरएफ गोताखोर टीम को बुलाया गया. हर तरफ जल भरा होने से हेलीकॉप्टर के जरिए चित्रकूट में सैकड़ो लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया. वहीं सतना के चित्रकूट के चितहरा से मानिकपुर रेलवे ट्रैक में पानी भर चुका है.
लगातार हो रही तेज बारिश से जन-जीवन के साथ-साथ अब रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है. सतना से मानिकपुर के बीच हुई तेज बारिश के चलते पश्चिम मध्य रेलवे की कई गाड़िया प्रभावित हुई हैं. रेलवे अधिकारियों के साथ कर्मचारी मौके पर तैनात हैं. बताया जा रहा है बारिश के चलते कई यात्री गाड़ियां और मालगाड़ी भी प्रभावित हुई है.
रेल यातायात का बहाल करने की कोशिश जारी
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मधुर वर्मा का कहना है "रेल यातायात का बहाल करने की कोशिश की जा रही है. जबलपुर रेल मंडल अंतर्गत सतना- मानिकपुर के बीच हो रही भारी बारिश के कारण चितहरा रेलवे स्टेशन में रेल लाइन पर कई फुट पानी तक भर गया. जिससे करीब 28 यात्री व 20 माल गाड़ियां प्रभावित हुई हैं."
रेलवे ट्रैक पर हो रही भारी बारिश का वीडियो में सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि ट्रैक पर कई फुट पानी भर गया है. रेल कर्मचारी पानी में कमर तक डूबे हुए हैं. पाइंटमेन मौके पर तैनात होकर रेल संचालन को चलायमान रखने का प्रयास कर रहे हैं. चितहरा स्टेशन से मानिकपुर की ओर कई किलोमीटर तक ट्रैक पर कई फुट पानी भर गया है.
रेल प्रशासन ने यातायात को तत्काल प्रभाव से दोनों दिशाओं से रोका
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेल प्रशासन ने यातायात को तत्काल प्रभाव से दोनों दिशाओं (अप-डाउन) पर रोक दिया गया. बाद में जब स्थिति थोड़ी सामान्य हुई तो पानी भरे ट्रैक पर आगे-आगे रेल कर्मचारी चलते रहे और पीछे-पीछे गाड़ियों को निकाला जाता रहा.

