ETV Bharat / state

बिहार के 150 साल पुराने महादेव मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली, श्रद्धालुओं का बाल तक नहीं हुआ बांका

दरभंगा के जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर ठनका गिरने से भारी नुकसान हुआ है. लोगों का कहना है कि महादेव ने विपदा अपने ऊपर ले ली.

lightning strike on Mahadev Temple
ठनका गिरने से मंदिर का गुंबद क्षतिग्रस्त (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 29, 2026 at 6:20 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

दरभंगा: बिहार के दरभंगा के होरलपट्टी गांव स्थित करीब 150 साल पुराने जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गुंबद पर तेज बारिश और गरज के दौरान आकाशीय बिजली गिर गई. बिजली गिरने से मंदिर के गुंबद का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. लेकिन श्रद्धालुओं को एक खरोच तक नहीं आई. इसे श्रद्धालु चमत्कार मानकर पूजा-अर्चना में जुट गए हैं.

ठनका गिरने से मंदिर का गुंबद क्षतिग्रस्त: जानकारी के अनुसार रविवार देर शाम से ही जिले में तेज मेघगर्जन के साथ लगातार बारिश हो रही है. इसी दौरान सोमवार सुबह आकाशीय बिजली मंदिर के गुंबद पर गिर गई, जिससे करीब 150 वर्ष पुराने मंदिर का गुंबद टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया.

जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर गिरा ठनका (ETV Bharat)

घटना के समय मंदिर में थे श्रद्धालु: घटना के समय मंदिर में करीब 25-30 श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे थे. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी श्रद्धालु घायल नहीं हुआ है. घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच गए. फिलहाल मंदिर को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

त्रिशूल के साथ ही मंदिर को भारी नुकसान: घटना के बाद मंदिर के पुजारी शिंवशकर गिरी ने बताया की ग्यारह बजे का समय हो रहा था. भगवान को भोग लगाकर मंदिर का पट बंद कर रहे थे. उसी दौरान करीब 25 श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे थे कि तेज बारिश आई. ठनका गिरी और बाबा के त्रिशूल के साथ मंदिर को बहुत नुकसान हुआ है.

"जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में रात करीब 10-11 बजे के बीच आकाशीय बिजली गिरी है. पट बंद करने के दौरान बारिश शुरू हो गई और तेज ठनका गिरा. एक बार और ऐसा हुआ था. मंदिर को बहुत नुकसान हुआ है."- शिंवशंकर गिरी, मंदिर के पुजारी

lightning strike on Mahadev Temple
मंदिर की मरम्मती की उठी मांग (ETV Bharat)

प्रशासन से लोगों की अपील: वहीं ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मंदिर के क्षतिग्रस्त गुंबद की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यह मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए.

lightning strike on Mahadev Temple
क्षतिग्रस्त गुंबद (ETV Bharat)

150 साल पुराना है मंदिर: स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की पत्नी महारानी लक्ष्मेश्वरी ने कराया था. यह मंदिर लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है और क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है.

lightning strike on Mahadev Temple
पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु (ETV Bharat)

"वज्रपात से मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया है. बाबा विपदा अपने ऊपर ले लिए हैं. लोग मौजूद थे, लेकिन किसी को कुछ नहीं हुआ. प्रशासन इसकी मरम्मत जल्द से जल्द कराए."- रौशन कुमार कुंवर, स्थानीय निवासी