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हैवी ब्लास्टिंग से उड़ा पत्थर ग्रामीण के सर से टकराया, घटना में ग्रामीण की मौत, दीपका खदान इलाके में बवाल

कोरबा के दीपका कोयला खदान में हुए हैवी ब्लास्टिंग से एक ग्रामीण की मौत हो गई. इस घटना से लोगों में गुस्सा है.

Death By Heavy Blasting In Korba
कोरबा में हैवी ब्लास्टिंग से मौत (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 7, 2026 at 9:18 PM IST

3 Min Read
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कोरबा: कोल इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के मेगा प्रोजेक्ट दीपका में बुधवार को एक बड़ी घटना हो गई. खदान में परियोजना अंतर्गत ब्लास्टिंग के दौरान एक ग्रामीण मजदूर लखन पटेल की दर्दनाक मृत्यु हो गई. घटना ने पूरे कोयला क्षेत्र को हिला कर रख दिया है. ब्लास्टिंग के दौरान एक पत्थर खदान के भीतर से उड़ कर आया और सड़क पर पैदल चल रहे ग्रामीण के सर से टकराया. इसके बाद घायल ग्रामीण को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई.

घटना को लेकर कोरबा के लोगों में गुस्सा

यह घटना हरदीबाजार-रेकी मार्ग पर ग्राम सुआभोड़ी के पास हुई है. गांव रेकी में रहने वाला लखन पटेल बुधवार को लगभग 2 से 3 बजे के मध्य वह हरदीबाजार से पैदल अपने घर लौट रहा था. रास्ते में लखन गांव सुआभोड़ी स्कूल के पास पहुंचा था कि दीपका खदान में कोयला खनन के लिए हैवी ब्लॉस्टिंग किया गया. ब्लास्टिंग की क्षमता इतनी अधिक थी कि धमाके से खदान के भीतर से पत्थर का एक टुकड़ा हवा में छिटक कर सड़क से गुजर रहे राहगीर लखन पटेल के सिर पर आ गिरा.

बुरी तरह से चोटिल होने के बाद लखन पटेल सड़क पर गिरा और बेहोश हो गया. पटेल के माथे से खून बहने लगा. इसके पहले कि आसपास के लोग लखन को अस्पताल पहुंचाते उसकी स्थिति बिगड़ने लगी. आनन फानन में लखन को एक पिकअप पर उठाकर रखा गया. उसे हरदीबाजार के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया. यहां परीक्षण कर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. हैवी ब्लॉस्टिंग से लखन की मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए. बड़ी संख्या में वह अस्पताल पहुंचे.

ग्रामीणों ने घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए हंगामा किया. मृतक के परिवार के लिए मुआवजा की मांग की जा रही है. हैवी ब्लॉस्टिंग करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है. बुधवार की रात तक तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.

घटना की होगी विभागीय जांच

एसईसीएल के पीआरओ डॉक्टर सनिश चंद्र ने कहा है कि दीपका खदान में रिहायशी इलाके के बेहद करीब माइनिंग हो रही है. खदान के पास से गुजरने वाले लोगों को सदैव हिदायत दी जाती है और यथासंभव उन्हें रोका जाता है. लेकिन इस घटना में उस व्यक्ति से ही कैसे कोई पत्थर टकराया. इसकी जांच कराई जाएगी.

सनिश चंद्र ने आगे कहा कि विभागीय जांच के साथ ही जवाबदेही तय की जाएगी. प्रत्येक ब्लास्टिंग के पहले सायरन बजाया जाता है और आसपास के लोगों को जानकारी मिल जाती है. इसके बावजूद भी ब्लास्टिंग के दौरान कैसे उस व्यक्ति के सिर में चोट आई हम जांच करेंगे. किस तरह से मृतक के परिजनों को सहायता की जाएगी इसके लिए भी हम विचार कर रहे हैं. ब्लास्टिंग की इंटेंसिटी भी उतनी ही रहती है, जितनी कि जरूरत है. इस बात का भी सदैव ध्यान रखा जाता है.

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