ज्ञानवापी वादमित्र को हटाने की अर्जी पर सुनवाई टली, अब सुनवाई 12 जनवरी को होगी
मुकदमे के वादी रहे हरिहर पांडेय की बेटियों ने वादमित्र को हटाने की अर्जी दाखिल की थी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 5, 2026 at 8:47 PM IST
वाराणसी: सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) भावना भारती की कोर्ट में सोमवार को ज्ञानवापी से संबंधित वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे में वादमित्र को हटाने और संशोधन के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई टल गई है. इसमें हरिहर पांडेय की बेटियों की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि पिछले दिनों सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से दाखिल अर्जी की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी, सोमवार को उक्त अर्जी की प्रति उपलब्ध कराई गई. अब इस मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी.
पिछले तिथि पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति दाखिल की थी, जिस पर वाद मित्र की ओर से आपत्ति दाखिल करने का समय मांगा गया था. कोर्ट ने सुनवाई के लिए पांच जनवरी की तिथि निर्धारित की थी.
वहीं पिछले तिथि पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के तरफ से अधिवक्ता तौहीद खान ने कोर्ट में अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाने की दलील दी थी, जिस पर वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति जताई थी. विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि सिर्फ मौखिक दलील से वाद के करवाई पर रोक नहीं लग सकती है. इसके लिए लिखित अर्जी देनी होगी.
मुकदमे के वादी रहे हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी तीनों बेटियों ने कोर्ट में वादमित्र को हटाने की अर्जी दाखिल की थी. जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था, अब पक्षकार बनने संबंधित अर्जी में बेटियों की ओर से संशोधित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है. जिसमें वादी संख्या पांच जो वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी हैं, उन्हें हटाने की मांग की जा रही है.

