पटना HC में आम उत्पादक किसानों का मुद्दा, कोर्ट ने सरकार को प्रगति रिपोर्ट पेश करने का दिया आदेश
पटना उच्च न्यायालय में बिहार में आम उत्पादक किसानों का मुद्दा उठा. सरकार को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है. पढ़ें खबर

Published : December 18, 2025 at 3:33 PM IST
पटना : पटना हाईकोर्ट में राज्य के आम उत्पादकों को उनके फसल का सही कीमत नहीं मिलने और विदेशों में इसके निर्यात के लिए आधारभूत संरचना उपलब्ध नहीं होने के मामले पर सुनवाई की गयी. एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह की खंडपीठ ने अधिवक्ता डा. मौर्य विजय चंद्र की जनहित याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
पटना HC में आम उत्पादक किसानों का मुद्दा : पिछली सुनवाई में कोर्ट ने भागलपुर व पश्चिम चम्पारण जिलों में इस सम्बन्ध में की जा रही कार्रवाईयों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया था. इस मामलें पर अगली सुनवाई जनवरी 2026 में की जाएगी. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में एक जवाब दायर किया गया था. इसमें आम उत्पादकों के लिए की जा रही कार्रवाईयों का ब्यौरा दिया गया.
राज्य सरकार ने रखा पक्ष : इसमें ये कहा गया था कि आम उत्पादकों के लाभ के लिए प्रशिक्षण, बेहतर व वैज्ञानिक प्रबंधन से आम के फसल को बढ़िया किस्मों के लिए तैयार करने के तरीके बताये जा रहे हैं. पिछली सुनवाई में राज्य सरकार को इस संबंध में पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था. साथ ही जवाब में बताया गया था आम के फसलों की पैकेजिंग, विदेशों में निर्यात व किसानों को उनके फसलों की अच्छी कीमत प्राप्त हो, इसके लिए कार्रवाई और व्यवस्था की जा रही है.
सरकार ने जानकारी नहीं दी- याचिकाकर्ता : पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को ये बताने को कहा था कि इस वर्ष आम उत्पादन करने वाले किसानों के प्रशिक्षण की क्या व्यवस्था की गयी? आधारभूत संरचना के विकास के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गयी है? याचिकाकर्ता अधिवक्ता डा. मौर्य विजय चंद्र ने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने फरवरी 2023 में जिन बिन्दुओं पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी थी, उन पर राज्य सरकार की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गयी थी.
'केंद्र और राज्य सरकार की सहायता जरूरी' : उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य में बड़े पैमाने पर आम का उत्पादन होता है लेकिन आम उत्पादन करने वाले किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. राज्य सरकार की उदासीनता के कारण किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय, विशेषकर बिहार के आमों की काफी मांग होती है. याचिकाकर्ता का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की सहायता से ही इन आम उत्पादकों के आय में वृद्धि होगी. साथ ही अच्छे श्रेणी के आम का उत्पादन होगा.
डा. मौर्य विजय चंद्र ने कोर्ट को बताया था कि राज्य में उत्तम श्रेणी का आम का उत्पादन होता है, लेकिन उन्हें लागत भी मिलना मुश्किल होता है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि इन आमों के विदेशों में निर्यात के लिए आधारभूत संरचना का काफी अभाव है. आम को विभिन्न राज्यों व विदेशों में भेजने की व्यवस्था की जाये तो आम उत्पादकों को न केवल आम का अच्छा मूल्य मिलेगा बल्कि विदेशी मुद्रा भी अर्जित किया जा सकता है.
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