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बिहार में ट्रैफिक चालान काटने के मामले को लेकर HC में सुनवाई, सरकार को नोटिस जारी

ट्रैफिक चालान की समस्या से कई लोग दो-चार होते हैं. इसके निपटारे को लेकर पटना उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई. पढ़ें खबर

PATNA HIGH COURT
कॉसेप्ट फोटो (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 16, 2025 at 4:23 PM IST

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पटना : पटना हाईकोर्ट में बिहार में ट्रैफिक चालान काटने के विवाद की सुनवाई और समाधान लोक अदालत या विशेष लोक अदालत में नहीं होने के प्रावधान के सम्बन्ध में सुनवाई की गयी. एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह की खंडपीठ ने रानी तिवारी की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए बालसा और बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है.

ट्रैफिक चालान को लेकर लोक अदालत को हो आयोजन : याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास पंकज ने कोर्ट को सुनवाई के दौरान बताया कि ट्रैफिक चालान काटे जाने सम्बन्धी विवादों की सुनवाई और सेटलमेंट विभिन्न राज्यों में लोक अदालत व विशेष लोक अदालतों में किया जाता है. उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में लगातार दो सप्ताह अभियान चलाकर ट्रैफिक चालान से सम्बन्धित विवादों की सुनवाई कर सेटलमेंट किया गया.

PATNA HIGH COURT
पटना उच्च न्यायालय (ETV Bharat)

'मनमाने ढंग से ट्रैफिक चालान काटे जाते हैं' : अधिवक्ता विकास पंकज ने कोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली जैसे राज्यों में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों को लोक अदालतों द्वारा सुनवाई कर उनका समाधान होता है. लेकिन बिहार में ऐसा नहीं किया जाता है. उन्होंने बताया कि बिहार में मनमाने ढंग से ट्रैफिक चालान काटे जाते हैं.

अधिवक्ता ने कहा कि बिहार में लोक अदालत के माध्यम से इन विवादों को नहीं सुलझाया जाता है. जिसकी वजह से लोगों को परिवहन विभाग के मनमानेपन का शिकार होना पड़ता है. अगर इन मामलों की सुनवाई और सेटलमेंट लोक अदालत या विशेष लोक अदालतों द्वारा हो जाये, तो उनकी समस्याओं का समाधन के किये एक फोरम उपलब्ध होगा.

'प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने में होती है समस्या' : अधिवक्ता विकास पंकज ने कोर्ट को बताया कि अगर ट्रैफिक चालान लंबित हो तो जबरदस्ती विवादित चालान भुगतान करवाया जाता है. जब तक चालान का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं बनाया जाता है. इन विवादों के समाधान या सेटलमेंट के लिए राज्य में लोक अदालत या विशेष लोक अदालत की व्यवस्था नहीं है. इस मामले पर आगे भी सुनवाई की जाएगी.

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