बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा के 208 छात्रों को पटना HC से बड़ी राहत
मंगलवार को पटना उच्च न्यायालय से 208 छात्रों को बड़ी राहत मिली. अब वह इसी वर्ष परीक्षा में शामिल होंगे. पढ़ें खबर.

Published : February 10, 2026 at 7:39 PM IST
पटना : पटना हाईकोर्ट ने आरा के अल हाफिज कॉलेज के 208 छात्रों का परीक्षा फार्म स्वीकार करने और उन सभी छात्रों का परीक्षा लेने का आदेश बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दिया है. कोर्ट ने कहा कि अप्रैल महीने में होने वाले पूरक वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा में 208 छात्रों को परीक्षा में शामिल करें.
क्या है पूरा मामला? : जस्टिस हरीश कुमार की एकलपीठ ने दायर अर्जी पर लंबी सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. आवेदक की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार ने कोर्ट को बताया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने गलत तरीके से इन छात्रों का परीक्षा फार्म लेने से इंकार कर दिया.
नाम में कॉलेज होने के कारण एग्जाम से वंचित : अरुण कुमार का कहना था कि इंटर की पढ़ाई कॉलेज के बजाये स्कूल में होती है. सिर्फ संस्थान का नाम में कॉलेज होने के कारण परीक्षा समिति ने इंटर के छात्रों को परीक्षा में शामिल करने से इंकार कर दिया. उनका कहना था कि इंटर के छात्रों के लिए बुनियादी ढांचा अलग है. कॉलेज से कोई मतलब नहीं है. सिर्फ संस्थान के नाम मे कॉलेज लगा हुआ है.
208 छात्रों के लिए लगाई गई गुहार : इंटर की पढ़ाई के लिए कॉलेज ने किसी भी नियम और वैधानिक प्रावधानों का उलंघन नहीं किया है. अरुण कुमार ने शैक्षणिक सत्र 2024-26 के सभी 208 छात्रों को परीक्षा में शामिल करने की गुहार कोर्ट से लगाई. वहीं याचिका का विरोध महाधिवक्ता पीके शाही ने किया.
मामले को किया गया निष्पादित : पीके शाही ने कोर्ट को बताया कि आरा के अल हाफिज कॉलेज ने गैरकानूनी तरीके से छात्रों का नामांकन लिया है. उनका कहना था कि बिहार में इंटर की पढ़ाई कॉलेज नहीं स्कूल में होती है. परीक्षा समिति ने इस कॉलेज को नामांकन लेने पर प्रतिबंध लगाये जाने के बावजूद छात्रों का नामांकन लिया. उन्होंने छात्रों को इंटर परीक्षा में शामिल नहीं किये जाने को सही करार दिया. पटना उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की ओर से पेश दलील को सुनने के बाद छात्रों को पूरक परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया. साथ ही अर्जी को निष्पादित कर दिया.
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