'न्योता खाकर चले गए थे, तो कैसे बना केस?' वकीलों की जोरदार बहस के बाद अनंत सिंह पर फैसला सुरक्षित
अनंत सिंह की जमानत याचिका पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया.

Published : May 20, 2026 at 3:56 PM IST
गोपालगंज: जिले के व्यवहार न्यायालय स्थित एडीजे-3 सह एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में मोकामा विधायक अनंत सिंह से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत कक्ष में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच कानूनी बारीकियों को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली. दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलों से अदालत को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की.
JDU विधायक अनंत सिंह मामले की सुनवाई: सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित और सिविल कोर्ट के वरीय अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने अनंत सिंह के पक्ष में कई महत्वपूर्ण कानूनी दलीलें पेश कीं. उन्होंने मामले से जुड़े साक्ष्यों में विरोधाभास का हवाला देते हुए अपने मुवक्किल को राहत देने की अपील की.
साक्ष्यों की सत्यता पर उठाए गए सवाल: साथ ही उन्होंने अभियोजन पक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए मामले से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलुओं और साक्ष्यों की सत्यता पर सवाल उठाए. बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और पेश किए गए सबूतों में कानूनी रूप से कई खामियां हैं.
कोर्ट में पेश किए गए सबूत: वहीं, दूसरी ओर अभियोजन पक्ष ने इन दलीलों का कड़ा विरोध किया और आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत होने की बात दोहराई. सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे अभियोजन पक्ष ने बचाव पक्ष के दावों का कड़ा विरोध किया. अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील ने गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा.

दोनों पक्षों में हुई बहस: उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता सबूत मौजूद हैं. दोनों ही पक्षों ने अदालत के सामने अपने-अपने दावों को सही साबित करने के लिए कानून के विभिन्न प्रावधानों और नजीर को सामने रखा.
पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने कहा, अनंत सिंह मामले की जमानत याचिका पर आज सुनवाई हुई. 2-3 मई को गुड्डु राय के यहां जनेऊ का आयोजन हुआ था. उसी में निमंत्रण मिलने के बाद विधायक अनंत सिंह आए थे. उनके साथ कलाकार गुंजन थे. उसी में पुलिस ने एक वीडियो देखकर केस बनाया कि नृत्य अश्लील था और कुछ लोगों के पास हथियार थे.

"विधायक के पास न कोई हथियार था और न वह डांस में शामिल हुए थे. हमने कोर्ट को कहा कि विधायक न्योता देकर चले गए थे तो, कोई केस बनता ही नहीं है. कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब फैसले का इंतजार है कि क्या होता है."- नरेश दीक्षित,पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता
कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित: न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और बहस को बेहद ध्यानपूर्वक सुना. लंबी चली इस कानूनी जिरह के बाद, न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसले को सुरक्षित रख लिया. कोर्ट ने इस मामले को 'ऑर्डर' पर रखते हुए 25 मई अगली तारीख मुकर्रर कर दी है, जिसदिन सुनवाई के बाद फैसला सुनाया जाएगा. कोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
25 मई को आ सकता है फैसला: इस हाई-प्रोफाइल मामले पर न केवल गोपालगंज, बल्कि पूरे प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक हलकों की निगाहें टिकी हुई हैं. अगली तिथि को आने वाले अदालती आदेश से ही यह साफ हो पाएगा कि पूर्व विधायक अनंत सिंह को इस मामले में राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें बढ़ती हैं.
पूरा मामला?: जदयू विधायक अनंत सिंह और गायक गुंजन सिंह पर आरोप है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम में विधायक और गायक की मौजूदगी में खुलेआम हथियार लहराए गए थे. इसके साथ ही कार्यक्रम में अश्लील डांस में शामिल होने का भी आरोप है. मामले में पुलिस ने मोकामा विधायक अनंत सिंह, कलाकार गुंजन सिंह समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी.
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