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हाईकोर्ट ने देहरादून में शराब की दुकान के आवंटन पर लगाई रोक, पढ़ें पूरी खबर

उत्तराखंड हाईकोर्ट में परेड ग्राउंड और राजपुर रोड पर संचालित अंग्रेजी शराब की दुकानों के आवंटन के मामले में सुनवाई हुई.

Nainital High Court
उत्तराखंड हाईकोर्ट (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 22, 2026 at 2:06 PM IST

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नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के डालनवाला स्थित परेड ग्राउंड व राजपुर रोड पर संचालित अंग्रेजी शराब की दुकानों के आवंटन को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. मामले में हाईकोर्ट ने एक्साइज कमिश्नर द्वारा जारी आवंटन आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने परेड ग्राउंड और राजपुर रोड पर संचालित अंग्रेजी शराब की दुकानों के आवंटन पर अहम सुनवाई करते हुए रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और पक्षकारों का से जवाब मांगा है. हाईकोर्ट में हुई सुनवाई पर अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि जिला अधिकारी कोर्ट के आदेश का जल्द अनुपालन करें. अपनी जांच आंख्या कोर्ट में प्रस्तुत करें. साथ में कोर्ट ने दोनों दुकानों के संचालन पर अगली तिथि तक रोक लगा दी है. कोर्ट ने विपक्ष समेत आबकारी आयुक्त इस मामले पर एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है. मामले के अनुसार गौरव मल्होत्रा व अन्य ने याचिका दायर कर कहा है कि संबंधित दुकान का वर्ष 2025-26 का पूर्व लाइसेंसधारी होने के नाते उन्होंने 16 फरवरी 2026 को दुकान के नवीनीकरण के लिए जिला आबकारी अधिकारी के व समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था.

लेकिन विभाग ने आवेदन स्वीकार नहीं किया. आरोप है कि अगले ही दिन 17 फरवरी 2026 को नियमों को दरकिनार करते हुए दुकान का आवंटन अन्य पक्ष को कर दिया गया. याचिका में कहा गया कि आबकारी नीति में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी दुकान का नवीनीकरण नहीं होता है तो उसका आवंटन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए. लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. आरोप है कि एक्साइज कमिश्नर ने नियमों की अनदेखी करते हुए एक कैबिनेट मंत्री के ओएसडी और पीआरओ को लाइसेंस दिया गया. जबकि दोनों सरकारी विभाग में कार्यरत हैं. उन्हें किस आधार पर यह टेंडर दिया गया, जो की सरकारी नियमावली के खिलाफ है. इस मामले की जांच कराई जाए, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए.

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