स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का बलौदा बाजार दौरा
मीडिया के तीखे सवाल पर मंत्री जी ने सड़क सुरक्षा से लेकर अस्पताल नीति तक पर खुलकर सरकार का पक्ष रखा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 8:52 PM IST
बलौदा बाजार: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित हेलमेट जागरूकता रैली के बहाने बुधवार को बलौदा बाजार एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलचलों का केंद्र बना. छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के जिले में आगमन के साथ ही कार्यक्रम ने सिर्फ यातायात जागरूकता तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था, सरकारी अस्पतालों का भविष्य और रायपुर में कथित तौर पर कचरे में फेंकी गई PPE किट जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा को जन्म दे दिया.
कार्यक्रम की शुरुआत हेलमेट जागरूकता रैली से हुई, जहां स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को स्वयं हेलमेट पहनाकर एक प्रतीकात्मक संदेश दिया. यह दृश्य सिर्फ एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की मंशा को दर्शाने वाला क्षण भी माना गया.
रैली के बाद प्रशासन पर फोकस, दो घंटे चली समीक्षा बैठक
हेलमेट रैली के समापन के बाद दोनों मंत्री जिला पंचायत बलौदाबाजार पहुंचे, जहां जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ करीब 2 घंटे तक गहन समीक्षा बैठक की गई. बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, राजस्व प्रकरणों, सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की. बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में न सिर्फ जिले की व्यवस्थाओं पर बात की, बल्कि राज्य स्तर पर उठ रहे विवादों और राजनीतिक बयानों पर भी खुलकर अपनी राय रखी.
रायपुर में कचरे में फेंकी गई PPE किट पर क्या बोले मंत्री
मीडिया द्वारा रायपुर में सैकड़ों PPE किट के कथित तौर पर बिना उपयोग कचरे में फेंके जाने के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने संयमित प्रतिक्रिया दी. मंत्री ने कहा “कौन सी PPE किट है, वो देखना पड़ेगा और कहां की बात हो रही है, इसकी भी जानकारी जरूरी है. मुझे अभी इस बारे में कोई सूचना नहीं है. अगर आप जानकारी देंगे तो मैं निश्चित रूप से इस मामले को देखूंगा.”
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मंत्री का यह बयान साफ संकेत देता है कि सरकार इस तरह के मामलों को हल्के में नहीं लेना चाहती, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी.
टीएस सिंह देव के बयान पर दी प्रतिक्रिया
सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने को लेकर पूर्व मंत्री टीएस सिंह देव के बयान पर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने दो टूक जवाब दिया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग किसी व्यक्ति के बयान से नहीं, बल्कि सरकार की नीति और मुख्यमंत्री के निर्देशों से चलता है. मंत्री ने कहा, “डिपार्टमेंट टीएस जी के हिसाब से नहीं चलेगा. जब वो मंत्री थे, तब भी अपने हिसाब से नहीं चला पाए. मुख्यमंत्री जी चलाते थे और आज भी मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुसार ही काम होगा.” जायसवाल ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनता के प्रति संवेदनशील हैं और जो निर्णय जनता के हित में होगा, वही लागू किया जाएगा.
PBP मॉडल पर खुलकर बोले, जगदलपुर को बताया प्रयोग
स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों में निजी भागीदारी को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि देशभर में अब PBP (Public-Private Partnership / Balance) मॉडल की ओर रुझान बढ़ रहा है और छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस मॉडल का प्रयोग पहले ही जगदलपुर में किया जा चुका है. उन्होंने कहा, “हमने जगदलपुर में इसका एक्सपेरिमेंट किया है. आने वाले समय में 1-2 और अस्पतालों में इसे प्रयोग के तौर पर लागू किया जाएगा. अगर यह मॉडल जनता के हित में साबित होता है, तो इसे आगे बढ़ाया जाएगा.” मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी अस्पताल को बिना सोचे-समझे निजी हाथों में सौंपने का कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा. हर कदम जनहित को ध्यान में रखकर ही उठाया जाएगा.
मंत्री जी को भेंट किया हेलमेट
कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा की मौजूदगी और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उन्हें हेलमेट पहनाया जाना राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय रहा. इसे सरकार के भीतर समन्वय और साझा जिम्मेदारी के संदेश के रूप में देखा जा रहा है. राजस्व मंत्री ने भी सड़क सुरक्षा को लेकर आम जनता से सहयोग की अपील की और कहा कि प्रशासनिक प्रयास तभी सफल होंगे, जब नागरिक खुद नियमों को अपनाएंगे.
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया संदेश
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का यह दौरा कई मायनों में अहम रहा. चाहे बात सड़क सुरक्षा को लेकर हो या अस्पतालों की कार्यप्रणाली की, सरकार का फोकस सुरक्षा, संवेदनशीलता और जनहित पर है. अब देखना यह होगा कि PPE किट जैसे मामलों पर जांच किस दिशा में जाती है. PBP मॉडल के प्रयोग से छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में कितना बदलाव आता है. लेकिन इतना तय है कि बलौदा बाजार का यह दौरा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली स्वास्थ्य नीतियों की झलक भी दे गया है.
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