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उत्तराखंड में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, इन बातों का रखें ख्याल

उत्तराखंड में मौसमी बुखारों के बीच स्वाइन फ्लू (इन्‍फ्लुएंजा H1N1) के मरीजों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोत्तरी हो रही है.

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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 29, 2026 at 10:26 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में सीजनल बीमारियों के साथ ही अब स्वाइन फ्लू (इंफ्लुएंजा एच1एन1) तेजी से पैर पसार रहा है. वर्तमान स्थिति यह है कि स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या 70 का आंकड़ा पार कर चुकी है. लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जिलों में रैपिड रिस्पांस टीम तैनात की हैं, जो लोगों की जांच कर रही है.

इसके साथ ही अस्पतालों में भी तमाम व्यवस्थाएं मुकम्मल करने के निर्देश दिए गए हैं. आखिर अस्पताल में क्या कुछ है व्यवस्थाएं, इस बीमारी पर लगाम लगाने के लिए? क्या है स्वास्थ्य विभाग का प्लान, लोगों को किन-किन सावधानियां को बरतने की है जरूरत?

उत्तराखंड में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मरीज (ETV Bharat)

उत्तराखंड में मौसमी बुखारों के बीच स्वाइन फ्लू (इन्‍फ्लुएंजा H1N1) के मरीजों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोत्तरी हो रही है. वर्तमान स्थिति यह है कि अभी तक 73 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें से अकेले 67 मामले देहरादून जिले में देखे गए है. इसके अलावा नैनीताल जिले में चार और हरिद्वार जिले में 2 मामले सामने आए है. स्वाइन फ्लू पॉजिटिव कुल 73 मरीजों में से 43 मरीज स्वस्थ हो चुके है, जबकि 25 मरीजों का इलाज चल रहा है. हालांकि, देहरादून जिले में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए 5 मरीजों को मौत भी चुकी है. ये पांचों मरीज पहले से ही अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की वजह से इनकी मौत हो गई है.

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जानिए क्या है H1N1 (ETV Bharat)

हॉस्पिटलों को अलर्ट किया गया: स्वास्थ्य विभाग ने जिलास्तर पर फील्ड टीमों को तैनात कर संदिग्ध मरीजों की जांच के साथ ही सर्वे के निर्देश दिए है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग की जा रही हैं. इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों को इमरजेंसी विंग में इन्फ्लूएंजा मरीजों के लिए बेड रिज़र्व करने, ऑक्सीजन सपोर्ट और एंटीवायरल दवा (ओसेल्टामीविर) की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए है, जिससे स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों को अलग वार्ड में रखा जा सके और इस बीमार को फैलने से रोका जा सके.

पैनिक होने की जरूरत नहीं: वही, ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ शिखा जगपांगी ने कहा कि वर्तमान समय में सीजनल इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आ रहे है. पैनिक होने की जरूरत नहीं है. फिलहाल हालात काबू में है. घबराने की कोई बात नहीं है.

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स्वाइन फ्लू के लक्षण. (ETV Bharat)

जागरूकता के साथ सावधानियां बरतने की जरूरत: निदेशक डॉ शिखा जगपांगी का कहना है कि बरसात के समय और सर्दियों के शुरुवात में भी सीजनल इन्फ्लुएंजा के मामले बढ़े हुए दिखाई देते है, जिसके चलते प्रदेश भर में अभी तक स्वाइन फ्लू के 73 मामले सामने आ चुके है. इससे ग्रसित मरीजों में फ्लू वाले लक्षण दिखाई देते है. लिहाजा लोगों को जागरूक होने के साथ सावधानियां बरतने की जरूरत है. क्योंकि सामान्य रूप से इससे ग्रसित मरीज एक हफ्ते में ठीक हो जाता है.

बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा ध्यान रखे: वही, दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के जरनल फिजिशियन डॉ केसी पंत ने कहा कि स्वाइन फ्लू, एक तरह से सर्दी-जुकाम-बुखार ही है. यही वजह है कि अभी तक कोई ऐसा कॉम्प्लिकेटेड मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सीजनल इन्फ्लुएंजा देश भर में तेजी से बढ़ रहा है. इससे ग्रसित मरीज करीब एक हफ्ते में ठीक हो जा रहा है. सर्दी जुकाम बुखार को लेकर जो साल में एक बार वैक्सीन लगाया जाता है, वो भी लगवा सकते हैं. इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को काफी अधिक सावधानियां बरतने की जरूरत है. खासकर ऐसे बुजुर्ग जिनको पहले से ही कोई बीमारी है.

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स्वाइन फ्लू के बचाव के उपाय और इलाज (ETV Bharat)

साथ ही उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को को-मॉर्बिडिटी (Comorbidity) यानी शुगर, हाई बीपी, लिवर या किडनी की दिक्कत है तो ऐसे मरीजों को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर मास्क का इस्तेमाल करना, डिस्टेंस बनाना और साफ सफाई का ध्यान रखने की जरूरत है.

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सभी जिलों के सीएमओ से बात की है. उनसे न सिर्फ स्वाइन फ्लू बल्कि मानसून आधारित बीमारियों को लेकर अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए है. साथ ही प्रयाप्त मात्रा में दवाइयां रखने, प्लेटलेट्स की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए है. सभी सीएमओ संवेदनशीलता के साथ काम कर रहे है. साथ ही ऐसे स्पॉट को भी देखा जा रहा है, जहां पर मामले बढ़े है या फिर कही पानी एकत्र हो रहा हो ताकि डेंगू भी न हो. ऐस में अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है और प्रशासन भी सहयोग कर रहा है.

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